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कलेक्टर जनदर्शन में बवाल: लोजपा (रामविलास) जिला अध्यक्ष ने खाद्य निरीक्षक पर एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने का लगाया आरोप, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

कोरबा(छत्तीसगढ़ उजाला)-जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान एक शिकायत को लेकर विवाद खड़ा हो गया। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिला अध्यक्ष राजकुमार दुबे ने खाद्य निरीक्षक संतोष कंवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में दावा किया गया है कि जनदर्शन के दौरान विरोध दर्ज कराने पर खाद्य निरीक्षक ने उन्हें फर्जी मामलों में फंसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत जेल भिजवाने की धमकी दी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के दौरान बढ़ा विवाद

शिकायत के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) आम नागरिकों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान राजकुमार दुबे खाद्य विभाग और नागरिक आपूर्ति निगम से संबंधित शिकायत लेकर पहुंचे।

आवेदन में दावा किया गया है कि जिला खाद्य अधिकारी स्वयं जनदर्शन में उपस्थित नहीं हुए और उनकी जगह खाद्य निरीक्षक संतोष कंवर पहुंचे। आरोप है कि सीईओ द्वारा जानकारी मांगे जाने पर खाद्य निरीक्षक ने भ्रामक और गलत जानकारी प्रस्तुत की। इस पर आपत्ति जताने के बाद दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।

फर्जी प्रकरण में फंसाने और एससी/एसटी एक्ट लगाने की धमकी का आरोप

राजकुमार दुबे का आरोप है कि आपत्ति दर्ज कराने पर खाद्य निरीक्षक ने जनदर्शन परिसर में ही उन्हें फर्जी मामलों में फंसाने तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत जेल भेजने की धमकी दी। शिकायत में इसे एक सार्वजनिक जनसुनवाई मंच पर अधिकारी का अनुचित और डराने वाला व्यवहार बताया गया है।

खाद्य विभाग में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप

कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में राजकुमार दुबे ने खाद्य विभाग में भाई-भतीजावाद के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन के अनुसार, खाद्य निरीक्षक संतोष कंवर और जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर के बीच करीबी रिश्तेदारी है। इसी वजह से उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों तथा कटघोरा क्षेत्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की राशन दुकानों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलने का आरोप लगाया गया है।

कानून के दुरुपयोग पर उठाए सवाल

राजकुमार दुबे ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के संरक्षण के लिए बनाए गए कानून का किसी व्यक्ति को डराने, दबाव बनाने या व्यक्तिगत एवं राजनीतिक द्वेष निकालने के लिए उपयोग करने की मानसिकता बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि यदि ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे जनदर्शन जैसे जनसुनवाई मंच की गरिमा और आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास प्रभावित होता है।

निष्पक्ष जांच और स्थानांतरण की मांग

शिकायत में कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, खाद्य निरीक्षक के खिलाफ विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा जिला खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक के बीच कथित रिश्तेदारी की जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों का कोरबा जिले से स्थानांतरण किए जाने की भी मांग की गई है।

राजकुमार दुबे ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य सचिव तथा पुलिस अधीक्षक, कोरबा को भी भेजी है।

फिलहाल, इस मामले में खाद्य निरीक्षक संतोष कंवर अथवा खाद्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

प्रशांत गौतम

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