गौरेला पेंड्रा मरवाहीछत्तीसगढ

आम के पेड़ की छांव में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, नर्सिंग कॉलेज समेत तीन बड़ी सौगातों की घोषणा

मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)-सुशासन तिहार के तहत शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का एक अलग और आत्मीय अंदाज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित ग्राम निमधा में देखने को मिला। मुख्यमंत्री आम के पेड़ की छांव में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर सीधे संवाद करते नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कर दीं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पेयजल, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।

ग्रामीणों की मांग पर मिली तीन बड़ी सौगातें
जनसंवाद के दौरान मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपची और ग्रामीणों ने जिले में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम निर्माण तथा सर्वसमाज के लिए एक विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मौके पर ही तीनों मांगों को मंजूरी देते हुए नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर दी।

बिजली समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा
ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति में आ रही परेशानियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता से जानकारी ली और अधिकारियों को स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार दिखाई देगा।

शिकायत मिलते ही आरआई को लगाई फटकार
चौपाल के दौरान एक ग्रामीण ने मरवाही की राजस्व निरीक्षक दीपमाला त्रिपाठी और दानीकुंडी के राजस्व निरीक्षक अभिषेक त्रिपाठी के कार्यों में लापरवाही की शिकायत की। शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।

लखपति दीदियों से बोले— अब बनिए करोड़पति दीदी
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से चर्चा की तथा उनकी आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अब उन्हें लखपति से आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का लक्ष्य लेकर काम करना चाहिए।
महिलाओं ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर माह एक हजार रुपये की सहायता राशि मिल रही है, जिसका उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों में कर रही हैं

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में बिलासपुर से महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में अंतरित की गई है। इसका लाभ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की महिलाओं के साथ-साथ ग्राम निमधा की 500 से अधिक महिलाओं को भी मिला है।

18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने की दी जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार जरूरतमंदों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति दी गई है, जिसका लाभ अब गांवों में दिखाई देने लगा है।

जल्द शुरू होगी सीएम हेल्पलाइन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में जल्द ही सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। टोल फ्री नंबर, ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए 24 घंटे कार्यरत लगभग 100 कर्मचारियों की टीम तैनात की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

बिजली बिल राहत और पीएम सूर्यघर योजना की जानकारी
उन्होंने कहा कि अधिक बिजली बिल की शिकायतों का समाधान विशेष अभियान चलाकर किया जाएगा तथा सरचार्ज में भी राहत दी जाएगी। साथ ही पीएम सूर्यघर योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ उठाकर उपभोक्ता बिजली खर्च कम कर सकते हैं।

आदिवासी संस्कृति और आत्मनिर्भरता की मिसाल है निमधा
करीब तीन हजार की आबादी वाला ग्राम निमधा आदिवासी बहुल गांव है और आयुर्वेद ग्राम के रूप में भी अपनी अलग पहचान रखता है। यहां 38 हैंडपंप, 6 आंगनबाड़ी केंद्र और 6 शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं। गांव की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किराना दुकान, मत्स्य पालन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहली बार ग्राम निमधा पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने और सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

प्रशांत गौतम

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