*”ना मेरा कोई गुरु है ना मैं किसी का चेला”,बिलासपुर में किन्नर की गला दबाकर हत्या, एनएच-130 के पास हुआ खूनी अंजाम, शराब पार्टी के दौरान शुरू हुई थी लड़ाई*
छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। सकरी क्षेत्र के ग्राम जोकी में किन्नर समाज की गुरु-चेला परंपरा को लेकर शुरू हुआ विवाद एक किन्नर की हत्या तक पहुंच गया। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए हत्या के आरोपित किन्नर रिया उर्फ राकेश (24) को घटना के कुछ घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत मामला दर्ज किया है।
चिल्हाटी निवासी किन्नर तन्नू खान की मित्रता किन्नर वर्षा जान और मीरा उर्फ आशीष से थी। वर्षा 17 जुलाई को दिल्ली से बिलासपुर आया था और पुराना बस स्टैंड स्थित होटल में ठहरा था। 20 जुलाई को तीनों मीरा के जोकी स्थित घर पहुंचे। रास्ते में किन्नर रिया उर्फ राकेश भी उनके साथ हो गया। बाद में तन्नू और रिया अस्पताल होकर लौटे तथा शराब और मछली खरीदकर मीरा के घर पहुंचे, जहां चारों ने साथ बैठकर शराब पी और भोजन किया। इसी दौरान तन्नू ने रिया से उसके गुरु के बारे में पूछा। किन्नर समाज की परंपरा का हवाला देते हुए उसने रिया से स्वयं का चेला बनने और गुरु-दक्षिणा देने की बात कही।
इस पर रिया ने साफ शब्दों में कहा कि उसका कोई गुरु नहीं है और वह किसी का चेला भी नहीं है। इसी बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। मीरा और वर्षा ने समझाने का प्रयास किया। वहीं तालापारा निवासी राजा किन्नर से भी फोन पर बात कराई गई, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ। इसके बाद तन्नू और रिया पैदल तालापारा की ओर निकल गए। इस बीच वर्षा और मीरा ने उन्हें खोजने की कोशिश की। तभी तन्नू का मोबाइल भी बंद हो गया। मंगलवार की सुबह तन्नू का शव जोकी स्थित एक खेत में मिला। शव मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जांच में आरोपित ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि गुरु-चेला विवाद से नाराज होकर उसने एनएच-130 स्थित दलदलिहापारा बस स्टाप के पास तन्नू का गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपित की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल, चप्पल और चार्जर बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
गुरु-चेला परंपरा को लेकर हुआ पूरा विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि किन्नर समाज में गुरु-चेला की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस व्यवस्था में नया सदस्य किसी वरिष्ठ किन्नर को अपना गुरु मानता है। गुरु के मार्गदर्शन में रहने के साथ चेला नियमित रूप से आर्थिक सहयोग भी करता है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह बात सामने आई कि चेला अपने गुरु को सालाना लगभग 10 हजार रुपये और हर महीने करीब दो हजार रुपये देता है। इसी परंपरा को लेकर तन्नू खान ने आरोपित रिया से पूछा कि उसका गुरु कौन है और उसे अपना चेला बनने के लिए कहा। लेकिन रिया ने यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि न उसका कोई गुरु है और न वह किसी का चेला है। इसी असहमति ने पहले बहस और फिर हिंसक रूप ले लिया, जो अंततः हत्या की वजह बन गया।
कुछ ही घंटों में पकड़ा गया आरोपित
हत्या की जानकारी मिलते ही सकरी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। मृतक के साथ आखिरी बार मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और घटनाक्रम को जोड़ते हुए पुलिस आरोपित रिया उर्फ राकेश तक पहुंची। पूछताछ में आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
उसने बताया कि विवाद के बाद एनएच-130 के दलदलिहापारा बस स्टाप के पास तन्नू का गला दबाकर हत्या कर दी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। आशंका है कि मामले में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।



