छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: CBI की बड़ी कार्रवाई, पूर्व विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी और पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव एवं एमडी अरुणपति त्रिपाठी और उनकी पत्नी मंजूला त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) से जुड़ा हुआ है, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
CBI की दिल्ली स्थित एंटी करप्शन ब्रांच द्वारा दर्ज इस मामले में आरोप है कि अरुणपति त्रिपाठी ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से भारी संपत्ति अर्जित की। जांच में सामने आया है कि उनकी घोषित संपत्ति जहां पहले करीब 38 लाख रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 3.32 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति उनके वैध आय स्रोतों की तुलना में कहीं अधिक है। मामले में उनकी पत्नी मंजूला त्रिपाठी की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।
इस घोटाले से जुड़े व्यापक नेटवर्क की जांच करते हुए CBI ने 30 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्तियों को भी खंगालना शुरू कर दिया है। एजेंसी वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही अपनी जांच में 3200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का उल्लेख कर चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा खेल एक संगठित सिंडिकेट के माध्यम से संचालित किया गया, जिसमें कई अधिकारी और कारोबारी शामिल थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि घोटाले को कई स्तरों पर अंजाम दिया गया। डिस्टलरी संचालकों से कमीशन वसूली, नकली होलोग्राम के जरिए शराब की बिक्री और सप्लाई जोन में हेरफेर कर अवैध उगाही जैसे तरीके अपनाए गए। एजेंसियों को लाखों पेटी शराब की बिक्री और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं।
फिलहाल CBI पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और इस मामले में आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह मामला राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर गहरा असर डाल रहा है।




