राजधानी रायपुर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से जनता त्रस्त…. यातायात विभाग केवल चालान काटने में ही व्यस्त………

छत्तीसगढ़ उजाला रायपुर
सुशासन की सरकार में राजधानी रायपुर आज विकास के नए आयाम छू रहा है, लेकिन इसी विकास के साथ शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के अनुपात में सड़क और पार्किंग व्यवस्था का विस्तार नहीं हो पाया है, जिसका खामियाजा आम जनता हर दिन भुगत रही है।शहर के लगभग हर चौराहे पर जाम की ही स्थिति बनी रहती है।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहे जैसे Jaistambh Chowk, Shastri Chowk, Telibandha Chowk और VIP Road पर प्रतिदिन लंबा जाम आम बात हो गई है। इन स्थानों से गुजरने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को रोज़ाना जाम में फंसना पड़ता है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ मानसिक तनाव और ईंधन की खपत भी बढ़ रही है। यातायात विभाग केवल चालान काटने में ही लगा रहता है।आम जनता की समस्याओं से यातायात पुलिस को कोई सरोकार नजर नही आता है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं। यह केवल असुविधा नहीं बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। इसके अलावा सड़क किनारे अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी समस्या को और बढ़ा रहे हैं।यातायात विभाग हर दिन किसी न किसी चौराहे में नए नए शोध करता भी नजर आता है। भले उससे जनता को फायदा हो या न हो इससे इनको कोई फर्क नही पड़ता है।राजधानी कमिश्नरी होने के बाद जनता को उम्मीद थी कि इस समस्या का समाधान होगा पर अब तक पुराने ढर्रे बरकरार है।हालांकि प्रशासन द्वारा समय-समय पर ट्रैफिक सुधार के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन वे स्थायी समाधान साबित नहीं हो पा रहे हैं।

राजधानी होने के कारण रायपुर में आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली, अतिरिक्त फ्लाईओवर, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसके साथ ही नागरिकों की जिम्मेदारी भी कम नहीं है। ट्रैफिक नियमों का पालन, अनावश्यक वाहन उपयोग में कमी और सड़क अनुशासन अपनाकर ही इस समस्या का समाधान संभव है।चौराहे में ऑटो वालो को सही करने की भी आवश्यकता है।नए नए अफसर आते है और अपनी व्यवस्त्था बनाकर रवाना भी हो जाते है।

यदि समय रहते ठोस और दीर्घकालिक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में राजधानी की ट्रैफिक समस्या और विकराल रूप ले सकती है। इसलिए प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे।यातायात विभाग को चालानी कार्रवाही के अलावा यातायात सुगम करने की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।




