बारहवीं बोर्ड परीक्षा के दौरान डीईओ का सघन औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)-बारहवीं बोर्ड परीक्षा के दौरान आज जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने अपनी टीम के साथ मरवाही विकासखंड के विभिन्न परीक्षा केंद्रों और विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां कई केंद्रों पर परीक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, वहीं कुछ स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सबसे पहले उन्होंने स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। यहां परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संचालित होती मिली। इसके बाद उन्होंने पीएम श्री स्कूल मरवाही का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें अवैतनिक करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय परिसर की अत्यंत खराब साफ-सफाई पर नाराजगी जताते हुए प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
इसके पश्चात उन्होंने कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मरवाही स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। यहां परीक्षा संचालन में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई और व्यवस्था संतोषजनक रही।
निरीक्षण के क्रम में हाई स्कूल बरौर का दौरा किया गया, जहां परीक्षा संचालन सुचारू रूप से पाया गया। इसके ठीक सामने स्थित मिडिल स्कूल बरौर में बच्चों की शैक्षणिक स्थिति बेहद कमजोर पाई गई। कक्षा आठवीं के छात्र न तो हिंदी पाठ सही ढंग से पढ़ सके, न ही गिनती और पहाड़ा सुना पाए। इसे गंभीर शैक्षणिक लापरवाही मानते हुए दोनों पदस्थ हेडमास्टर और संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बरौर में ही प्राथमिक शाला में संचालित एमबीयू कार्य की भी जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने हायर सेकेंडरी स्कूल बगरार स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया, जहां परीक्षा व्यवस्था संतोषजनक मिली।
अंत में प्राथमिक शाला लोहारी एवं माध्यमिक शाला लोहारी का निरीक्षण किया गया। प्राथमिक शाला में दो महिला शिक्षक विद्यालय परिसर के बाहर बैठकर बातचीत करती मिलीं। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जहां व्यवस्था बेहतर पाई जाएगी, वहां सराहना होगी, और जहां लापरवाही मिलेगी, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी।





