कोरबा पावर लिमिटेड का विस्तार: 1600 मेगावाट की नई इकाइयों पर जनसुनवाई, 16,611 करोड़ का निवेश और हजारों रोजगार की संभावना

कोरबा(छत्तीसगढ़ उजाला)-कोरबा-चांपा मार्ग स्थित अडाणी पावर लिमिटेड की इकाई कोरबा पावर लिमिटेड में बड़े विस्तार की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है। तीसरे चरण के तहत 1600 मेगावाट (MW) क्षमता की नई इकाइयों की स्थापना के लिए 27 फरवरी को पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु जनसुनवाई आयोजित की गई। परियोजना के पूर्ण होने पर न केवल विद्युत उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और राजस्व सृजन को भी गति मिलेगी।
लैंको से अडाणी तक: परियोजना को मिली नई रफ्तार
उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह संयंत्र लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड के नाम से संचालित था। अधिग्रहण के बाद इसका नाम बदलकर कोरबा पावर लिमिटेड कर दिया गया। अडाणी समूह ने अधिग्रहण के बाद रुके हुए दूसरे चरण के कार्यों को गति दी और साथ ही तीसरे चरण की योजना भी आगे बढ़ाई।
कोरबा जिले के ग्राम पताढ़ी स्थित संयंत्र की वर्तमान स्थापित क्षमता 600 मेगावाट है।
दूसरे चरण का कार्य प्रगति पर, कमिशनिंग में हल्का विलंब
दूसरे चरण के अंतर्गत 660-660 मेगावाट की दो इकाइयाँ (यूनिट 3 एवं 4) स्थापित की जा रही हैं।
यूनिट 3 की कमिशनिंग मार्च 2026 में प्रस्तावित थी, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से इसमें विलंब हुआ है। अब इसके अप्रैल–मई 2026 तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
इसके बाद यूनिट 4 को चालू किया जाएगा।
इन दोनों इकाइयों के चालू होने से संयंत्र की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
तीसरा चरण: अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक से 1600 मेगावाट का विस्तार
अधिग्रहण के साथ ही कंपनी ने तीसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी थी। इस चरण में 800-800 मेगावाट क्षमता की दो नई इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है, जो अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होंगी। यह तकनीक ईंधन दक्षता बढ़ाने और उत्सर्जन कम करने के लिहाज से उन्नत मानी जाती है।
तीसरे चरण के पूरा होने पर संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 3520 मेगावाट हो जाएगी।
भूमि की जरूरत नहीं, 16,611 करोड़ का निवेश
कंपनी के पास पहले से ही 505.58 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है, इसलिए तीसरे चरण के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी। नई इकाइयाँ इसी परिसर में स्थापित की जाएंगी।
अनुमानित निवेश: 16,611 करोड़ रुपये
निर्माण चरण में रोजगार:
230 स्थायी
5368 संविदा
कुल: 5598 रोजगार
संचालन चरण में रोजगार:
270 स्थायी
2000 संविदा कर्मी
भविष्य की योजना: और 1600 मेगावाट की संभावना
सूत्रों के अनुसार, कंपनी भविष्य में 1600 मेगावाट क्षमता की अतिरिक्त इकाइयाँ (संभावित रूप से यूनिट 6 एवं 7) स्थापित करने की योजना भी बना रही है। यदि यह योजना साकार होती है तो कोरबा देश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में और मजबूत स्थिति हासिल करेगा।
जिले और राज्य को होगा लाभ
परियोजना के विस्तार से:
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
राज्य को कर एवं अन्य मदों में राजस्व वृद्धि होगी
औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
कुल मिलाकर, कोरबा पावर लिमिटेड की यह विस्तार परियोजना न केवल ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अहम साबित होगी, बल्कि सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से भी जिले के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




