
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB), रायपुर ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में हुए बहुचर्चित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को माननीय विशेष न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
यह मामला अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत दर्ज है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7बी, 8 एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
ED की कार्रवाई के बाद खुला मामला
इस घोटाले की जांच की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ED), क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा 29 नवंबर 2023 को की गई कार्रवाई के बाद हुई। ED ने तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त कर इसकी सूचना छत्तीसगढ़ शासन को भेजी थी। इसके आधार पर EOW/ACB ने FIR दर्ज कर विस्तृत विवेचना प्रारंभ की।
ओवरटाइम के नाम पर बड़ा खेल
जांच में खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए ओवरटाइम/अधिसमय भत्ते के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किए गए।
वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच लगभग ₹100 करोड़ से अधिक की राशि ओवरटाइम के नाम पर जारी की गई। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन जांच में पाया गया कि यह रकम वास्तविक कर्मचारियों तक नहीं पहुंची।
एजेंसियों द्वारा बिलों में दर्शाई गई ओवरटाइम राशि से अवैध कमीशन काटकर शेष राशि का दुरुपयोग किया गया और कमीशन की रकम आरोपी अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क आबकारी राजस्व से राशि निकालकर अनधिकृत लाभ अर्जित करने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिससे शासन को प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति हुई।
नेटवर्क का “मुख्य संचालक” बताया गया
विवेचना में अनवर ढेबर की भूमिका केंद्रीय बताई गई है। आरोप है कि वह एजेंसियों से कमीशन प्राप्त कर पूरे तंत्र को नियंत्रित करता था। विशेष जांच टीम डिजिटल साक्ष्यों, बिलों और बैंक लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क वर्षों से सुनियोजित तरीके से सरकारी निधियों का दुरुपयोग कर रहा था।
जांच का दायरा बढ़ेगा
EOW/ACB के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में अन्य संदिग्धों और एजेंसियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनी कदम उठाने की बात कही है।
इस गिरफ्तारी को CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाले के बड़े नेटवर्क के खुलासे की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर अन्य अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की भूमिका भी उजागर होने की संभावना है।


