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*लखीराम ऑडिटोरियम में नगर निगम की सामान्य सभा के समय बना अखाड़ा, पक्ष विपक्ष में जमकर झूमा झटकी के बाद विपक्षी पार्षद दल बैठा धरने पर*

छत्तीसगढ़ उजाला

 

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। स्वर्गीय लखीराम ऑडिटोरियम में शुक्रवार को नगर निगम की सामान्य सभा उस समय अखाड़ा बन गई, जब लिंगियाडीह विस्थापन के मुद्दे पर वार्ड क्रमांक 52 के पार्षद दिलीप पाटिल और वार्ड क्रमांक 55 के पार्षद जय वाधवानी के बीच तीखी बहस के बाद झूमा-झपटी शुरू हो गई । इस अप्रत्याशित हंगामे के कारण सभापति को लंच से पूर्व ही सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, जिसके बाद विपक्षी पार्षदों ने सदन के बाहर धरना दे दिया। सभा शुरू के बाद भी जब विपक्ष नहीं पहुंचा तो की अनुपस्थिति में सत्तापक्ष ने बहुमत के आधार पर सभी प्रस्ताव पारित कर दिया।

शुक्रवार को आयोजित सामान्य सभा की शुरुआत होते ही कांग्रेसी पार्षदों ने शहर में गहराते पेयजल संकट और भेदभाव की राजनीति को लेकर मोर्चा खोल दिया। महापौर पार्षदों के सवालों का जबाव दे रही थी। सदन में जलविभाग की सुस्ती को लेकर अधिकांश कांग्रेसी पार्षद कह रहे थे की दो बाल्टी पानी भरने के लिए जनता को दो माह का समय लग रहा हैं। पार्षद अमित भारते और मोहन श्रीवास ने कहा कि वार्डों में मोटर जलने के बाद महीने भर तक मरम्मत नहीं होती, हंगामे को देखते हुए महापौर पूजा विधानी ने कहा कि प्रशासन नियमों के तहत काम कर रहा है, लेकिन विपक्ष केवल राजनीति चमकाने के लिए सदन को बाधित कर रहा है। इस दौरान लिंगियाडीह में मकान तोड़े जाने के मुद्दे पर वार्ड 52 के पार्षद दिलीप पाटिल और वार्ड 55 के पार्षद जय वाधवानी के बीच तीखी बहस शुरू हो हुई, जो देखते ही देखते झूमा-झपटी और विवाद में बदल गई।

विवाद को सुलझाने के लिए सत्ता पक्ष व विपक्ष के सदस्य बीच बचाव करते हुए दोनों समझाते रहे, इस दौरान सभागार में भरी गहमा गहमी का महौल बना रहा और फिर सभी कांग्रेस पार्षद अपनी सीट से उठ कर बाहर चले गए और लिंगियाडिह वासियों के साथ धरने में बैठ गए। लंच के बाद जब सदन की कार्रवाई शुरू हुई तब तक कांग्रेसी पार्षद सदन में नहीं पहुंचे थे, इसे देखते हुए भाजपा पार्षदों ने 15 मुख्य और एक अतिरिक्त प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया था, जिसे नेता प्रतिपक्ष ने लोकतंत्र के दुर्भाग्य पूर्ण बताया।

सवालों की बौछार और महापौर का जवाब

सामान्य सभा के लिए लाटरी पद्धति से कुल 66 प्रश्न चयनित किए गए थे। महापौर पूजा विधानी ने सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के सवालों का जबाव देने मोर्चा संभाला। जब वार्ड 46 के पार्षद इब्राहिम खान ने वार्डों के बीच भेदभाव और जोन 2 में टैक्स वसूली के गबन का मुद्दा उठाया, तो महापौर ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, वहीं अमृत मिशन और टैंकर के माध्यम से गर्मी से पूर्व ही पेयजल संकट से निपटने सारी तैयारी पूर्ण करने का भरोसा भी दिलाया।

महापौर ने कहा कांग्रेस सिर्फ राजनीति चमका रही

महापौर पूजा विधानी ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को गरीबों के हितों से कोई सरोकार नहीं हैं। विपक्ष को गरीबों की नहीं, अपनी राजनीति चमकाने की अधिक चिंता हैं, अगर कांग्रेस को वास्तव में विस्थापितों की चिंता होती, तो वे नियमानुसार सदन में प्रस्ताव लाते। लोगों को साड़ी और रुपए देकर सामान्य सभा की कार्रवाई को बाधित नहीं करवाते, वे केवल अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।

महापौर ने कहा की प्रशासन ने हमेशा गरीबों के हक में फैसले लिए हैं। पार्षद पति रामा बघेल ने सदन चलने के दौरान मुझे उठ कर जाने को कहा क्या यह उचित था, मुझे जनता ने चुन कर भेजा है और मै जनता के लिए काम कर रही हूं. पूरा शहर अगर चकाचक हो भी जाए तो भी समस्या समाप्त नहीं होने वाली है। हम लोगो की भलाई के लिए काम कर रहे है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा बहुमत के अहंकार में कुचले गए विपक्ष के अधिकार

नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने सदन की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हम गरीबों के हक के लिए लंच के समय शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। हमारे पहुंचने से पहले ही भाजपा पार्षदों ने बहुमत के आधार पर सारे प्रस्ताव पास कर लिए। महापौर मैडम को सिर्फ गरीबों से ज्ञापन लेना था, लेकिन उनके मना करने के बाद ही माहौल गर्माया। हमारे पार्षद को जनहित के मुद्दो को उठा रहे थे।

हमारी मांग बस इतनी थी कि विकास हो लेकिन गरीबो के मकान तोड़कर वहां गार्डन व व्यवसायिक गतिविधियों को संचालित किया जाए यह उचित नहीं है। इसके अलावा पीएम आवास योजना के तहत मकान बनाने गरीब पट्टे की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मकान बनाने के लिए पट्टा तक नवीनिकरण नहीं किया जा रहा हैं, जनहित के मुद्दे उठाना क्या गलत है।

लिंगियाडीह के नागरिकों ने किया चक्काजाम

पार्षद दिलीप पाटिल को सदन में बोलने न देने की जानकारी मिलते ही लिंगियाडीह के वासियों ने लखीराम अग्रवाल आडिटोरियम के बाहर ही चक्काजाम कर दिया। नागरिकों का आरोप था कि उनके विस्थापन के मुद्दे को सदन में दबाया जा रहा हैं। सूचना मिलते ही सिविल लाइन व सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाकर रास्ता क्लियर कराया।

15 मुख्य व एक अतिरिक्त प्रस्तावों को मिली मंजूरी

हंगामे के बीच सत्तापक्ष ने 15 मुख्य प्रस्ताव और एक अतिरिक्त प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इनमें शहर के विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल थे। इनमें एक प्रस्ताव पं मुन्नुलाल शुक्ल स्कूल टूट जाने के बाद दूसरे स्कूल को नामकरण करना था, प्रस्ताव में अब शनिचरी पडाव स्कूल को पं मुन्नुलाल शुक्ल स्कूल के नाम से जाना जाएगा।

लालखदान ब्रिज की पहचान अब शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर

लालखदान ब्रिज अब शहीद वीर नारायण सिंह सेतु नाम से पहचाना जाएगा। सामान्य सभा में प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। मालूम हो की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातिय कार्यक्रम के दौरान पुलिस परेड ग्राउंड में इसकी घोषणा की थी। इसके साथ ही शहर के एक प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर होगा, जहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

बृहस्पति बाजार का कायाकल्प और विस्थापन प्रस्ताव मंजूर

सामान्य सभा में बृहस्पति बाजार के 1339.74 लाख रुपये की लागत से पुनर्विकास और निर्माण कार्य के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई हैं। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृत परियोजना के लिए दीपक पाण्डेय, रायपुर को न्यूनतम दर (5.49% कम एसओआर) 12.66 करोड़ रुपये को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

निर्माण अवधि के दौरान बाजार को सिम्स तिराहा से शनिचरी बाजार मार्ग पर अस्थाई रूप से शिफ्ट किया जाएगा, जहां विक्रेताओं को मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी । मेयर-इन-कौंसिल से अनुशंसित प्रस्ताव पर सामान्य सभा ने मुहर लगा दी है।

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