प्रभात मिश्रा बने छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष, संस्कृति विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए प्रभात मिश्रा को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में संस्कृति विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा 5 फरवरी 2026 को औपचारिक आदेश जारी किया गया।
जारी आदेश के अनुसार प्रभात मिश्रा को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा उनके आदेशानुसार की गई है।
संस्कृति विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक File No.: GENCOR-3402/9/2025-CULTURE पर अवर सचिव रुचि शर्मा के हस्ताक्षर हैं, जिसे डिजिटल माध्यम से प्रमाणित किया गया है। प्रभात मिश्रा रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र स्थित नंदी चौक (पुराने पोस्ट ऑफिस के सामने) के निवासी हैं।
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग राज्य में राजभाषा हिंदी के संवर्धन, प्रचार-प्रसार तथा प्रशासनिक कार्यों में उसके प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करता है। ऐसे में आयोग के अध्यक्ष पद पर की गई यह नियुक्ति राज्य की भाषा नीति और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
संस्कृति विभाग के सूत्रों के अनुसार, राजभाषा आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य शासन के कामकाज में हिंदी के अधिकतम और प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना, साथ ही राजभाषा से जुड़े सुझाव शासन को उपलब्ध कराना है। आयोग विभिन्न विभागों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा करता है और समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी करता है।
इस आदेश की प्रतिलिपि राज्यपाल के सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय, संस्कृति विभाग के मंत्री के विशेष सहायक, उच्च शिक्षा विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय सहित राज्य के सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों और विभागों को सूचनार्थ भेजी गई है। साथ ही सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों एवं संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक हलकों में प्रभात मिश्रा की नियुक्ति को राज्य सरकार की भाषा एवं संस्कृति के प्रति गंभीर और संवेदनशील दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी हिंदी के उपयोग को नई दिशा और गति देगा।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन हाल के वर्षों में भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को लेकर लगातार सक्रिय कदम उठा रहा है। राजभाषा आयोग के अध्यक्ष की यह नियुक्ति भी उसी क्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।





