*न्यायधानी में अध्यक्षों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, उपस्थित नेताओं ने कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और आगामी चुनावी रणनीति का दिया स्पष्ट संकेत*
छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। बिलासपुर जिला कांग्रेस कार्यालय में सोमवार को आयोजित जिला अध्यक्षों का शपथ ग्रहण समारोह महज़ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और आगामी चुनावी रणनीति का स्पष्ट संकेत बन गया। मंच पर प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि पार्टी अब संगठन, किसान और वैचारिक मुद्दों पर सीधे संघर्ष के मूड में है।
जिला कांग्रेस अध्यक्षों ने दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में शपथ ली
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने पद की शपथ ली। समारोह में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत सहित पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, पूर्व विधायक शैलेष पांडेय और जिले के कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सभी नेताओं ने एक स्वर में संगठन की एकता और अनुशासन को कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत बताया। प्रदेश स्तरीय नेताओं ने साफ कहा कि कांग्रेस की असली कमजोरी संगठनात्मक ढांचे में नहीं, बल्कि आपसी मनमुटाव, व्यक्तिगत असंतोष और सार्वजनिक बयानबाजी में रही है। यदि पार्टी इन आंतरिक खींचतान से बाहर निकलती है और अनुशासन के साथ काम करती है, तो 2028 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनना तय है।
नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर पार्टी की विचारधारा और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर काम करें। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा, अनुशासन का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। चाहे वह कितना बड़ा ही क्यों न हो, उसे अनुशासन में लाने का काम वे करेंगे।
सरकार किसानों को चोर बना रही: सिंहदेव
कार्यक्रम में पहुंचे छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने धान खरीदी व्यवस्था और शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को चोर बना दिया है। अन्नदाता के घरों में अधिकारी घुसकर जांच कर रहे हैं, जो किसानों का खुला अपमान है। सिंहदेव ने कहा कि दो साल का अनुभव होने के बावजूद सरकार धान खरीदी की व्यवस्था संभाल नहीं पाई है। गिरदावरी, पंजीयन, टोकन, सीमित कोटा और राइस मिलों तक हर स्तर पर अव्यवस्था फैली हुई है।
सरकार की मंशा ही नहीं है कि पूरा धान खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने किसानों को धान बेचने के लिए इतना परेशान कभी नहीं देखा। शंकराचार्य के अपमान के मुद्दे पर सिंहदेव ने कहा कि उनके और उनके सहयोगियों के साथ किया गया व्यवहार अति निंदनीय है। सनातन और धर्म की बात करने वाली सरकार द्वारा ऐसा किया जाना बेहद दुखद है। शंकराचार्य जैसे धर्म ध्वजवाहक को रोकना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना हिंदुत्व के नाम पर देश को संकट में डालने जैसा है।
भाजपा के राज में हमारे धर्मगुरुओं पर अत्याचारः दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने धान खरीदी, किसानों की परेशानी, शंकराचार्य के अपमान, आबकारी नीति 2026-27 और भाजपा की गुटबाजी को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
बैज ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी पूरी तरह प्रभावित है और सरकार किसानों का पूरा धान खरीदना ही नहीं चाहती। बुआई से लेकर खाद, पंजीयन, रकबा समर्पण, टोकन और लिमिट तक सरकार की मंशा उजागर हो चुकी है। कई किसानों का अब तक पंजीयन नहीं हुआ है और खरीदी केंद्र मजाक बनकर रह गए हैं।
किसानों में भारी आक्रोश है, इसलिए सरकार को धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ानी चाहिए। शंकराचार्य के अपमान पर बैज ने कहा कि उन्हें रोकना, स्नान से वंचित करना और अनुयायियों पर कार्रवाई करना कौन सा धर्म है। हिंदूवादी कहलाने वाली भाजपा सरकार में ही धर्मगुरुओं पर अत्याचार हो रहा है। आबकारी नीति पर उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार और आम जनता की लूट को बढ़ावा देने वाली नीति है। सरकार कमीशनखोरी में मस्त है। एएसपी का, जो वीडियो आया है, उनसे पूछना चाहिए था कि यह कमीशन किसके लिए लिया जा रहा था। सरकार के कुछ बड़े नुमाइंदों के लिए या खुद के लिए। इस तरह की कमीशनखोरी पूरे प्रदेश में है।
जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना होगा: चरणदास
नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत ने खुले मंच से कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले राज्य स्तर पर बंटी, फिर यह विभाजन जिले और ब्लाक स्तर तक पहुंचा, जिससे संगठन कमजोर होता चला गया। महंत ने साफ कहा कि कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण यही अंदरूनी बिखराव रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेताते हुए कहा कि केवल जिंदाबाद के नारे लगाने से काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना होगा। यदि कांग्रेस को दोबारा सत्ता में आना है तो आपसी मतभेद छोड़कर एकजुट होकर काम करना जरूरी है।
गुटबाजी की सच्चाई भी आई सामने
मंच से संगठन को मजबूत करने एकजुटता के संदेश दिए गए, लेकिन कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और आपसी खींचतान की झलक कार्यक्रम के दौरान साफ दिखाई दी। मंच से दिए गए बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय ने मंच से बड़ा बयान देते हुए कहा कि कई लोग पांच साल तक कांग्रेसी बने रहते हैं, लेकिन चुनाव आते ही उनकी भाषा और निष्ठा बदल जाती है। ऐसे ही लोग पार्टी को चुनाव हराते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक ऐसे लोगों पर अनुशासन का डंडा नहीं चलेगा, तब तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनना मुश्किल है। वहीं कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की नजर सब पर है, इसलिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
जब विजय हुए भावुक, कहा- पार्टी के लिए निष्ठा और ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण
जिला कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष विजय केशरवानी अपनी बात रखते हुए भावुक हो उठे। विजय ने कहा कि मेरे लिए गर्व और गौरव करने का क्षण है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से अलग होने से पहले हम सभी ने संगठन को खड़ा करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। मैं हमेशा से ही इस बात को मानते आ रहा हूं कि सबसे बड़ी पार्टी और पार्टी के भीतर कार्यकर्ता ही भाग्य विधाता हैं। मैं इन्हीं भावनाओं के लिए कार्यकर्ताओं के साथ काम को आगे बढ़ाता रहा हूं। यह निरंतर जारी रहेगा। पार्टी के प्रति निष्ठा और ईमानदारी सबसे प्रमुख होता है। इन दोनों बातों को हमेशा साधने की कोशिश की है।
विजय ने जिला कांग्रेस कमेटी के नए भवन की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष मोहन मरकाम को 50 लाख रुपये बिलासपुर ज़िला कांग्रेस कमेटी की राशि दी थी। उस राशि से जिला कांग्रेस कमेटी का नया भवन बनाया जाए या फिर मौजूदा कांग्रेस भवन को ही नए सिरे से कायाकल्प की जाए। विजय ने जिन-जिन से कांग्रेस भवन के लिए सहयोग राशि ली थी उसे सार्वजनिक किया।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस भवन के लिए उन्होंने 10 लाख रुपये टीएस सिंहदेव, 10 लाख रुपये पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, 10 लाख रुपये पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, 10 लाख रुपये अरुण सिंघानिया व 10 लाख रुपये विजय केशरवानी ख़ुद व विजय पांडेय ने मिलकर जमा किया था।



