बिलासपुर

*स्वामी आत्मानंद स्कूल में नर्सरी बंद करने के फैसले पर बवाल, पूर्व विधायक ने कहा – गरीब बच्चों-शिक्षकों के भविष्य से सरकार कर रही खिलवाड़ः शैलेश पांडेय*

छत्तीसगढ़ उजाला

 

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नर्सरी (एलकेजी-यूकेजी) कक्षाएं बंद करने के जिला प्रशासन के फैसले को लेकर विरोध तेज हो गया है। इस निर्णय से जहां पालकों में चिंता है, वहीं नर्सरी में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाएं बेरोजगारी के डर से जूझ रहे हैं। इसी कड़ी में पीड़ित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शुक्रवार को पूर्व विधायक शैलेश पांडेय से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की।

शिक्षकों ने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में बिलासपुर जिले के चार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू की गई थीं और उनकी नियुक्ति भी उसी दौरान हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क अंग्रेजी माध्यम शिक्षा उपलब्ध कराना था। लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने नर्सरी कक्षाएं बंद करने का नोटिस जारी कर दिया, जिससे शिक्षक बेरोजगार होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि “धनराशि की कमी एक बहाना है, असल में सरकार बदले की भावना से काम कर रही है।”

उन्होंने कहा कि नर्सरी कक्षाएं बंद होने से 200 से अधिक बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा औरं शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। गरीब परिवारों के बच्चे अंग्रेजी माध्यम शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।

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