छत्तीसगढबिलासपुर

बिलासपुर में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला
7 और 10 साल के मासूम खाली अस्थि कलश लेकर पहुंचे थाना, पिता की अस्थियां लौटाने की लगाई गुहार


बिलासपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को स्तब्ध कर दिया। सिविल लाइन थाना उस वक्त हड़कंप का केंद्र बन गया, जब एक 10 वर्षीय बालक अपनी 7 वर्षीय मासूम बहन के साथ हाथ में खाली अस्थि कलश लेकर सीधे थानेदार के सामने जा पहुंचा। मासूमों की आंखों में आंसू और हाथों में खाली कलश देखकर थाने में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
दोनों बच्चों ने पुलिस से अपने पिता की अस्थियां चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई और उन्हें वापस दिलाने की गुहार लगाई।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भारती नगर निवासी ठाकरे परिवार से जुड़ा है। मृतक आलोक ठाकरे, पेशे से ठेकेदार थे। परिजनों के अनुसार, आलोक की एक बहन है, जिस पर आरोप है कि उसने आलोक की पत्नी को भड़काकर घर से भगा दिया था।
पत्नी के अचानक लापता होने के बाद आलोक ठाकरे ने उसे वापस लाने के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि पत्नी को जहां भी मिले, कोर्ट में पेश किया जाए। हालांकि, पुलिस पत्नी को खोजने में नाकाम रही।
पत्नी के वियोग में टूटा पति, हुई मौत
पत्नी से बिछड़ने के सदमे में आलोक ठाकरे की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और हाल ही में उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने भारती नगर स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया।
अंतिम संस्कार के बाद विवाद, अस्थियां ले जाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अंतिम संस्कार के कुछ समय बाद आलोक की पत्नी अचानक घर पहुंची और घर में प्रवेश को लेकर विवाद हो गया। मोहल्लेवासियों और परिवार के विरोध के बाद वह वहां से चली गई।
इसके बाद आरोप है कि मृतक की पत्नी सीधे मुक्तिधाम पहुंची और आलोक ठाकरे की अस्थियां एक पन्नी में भरकर अपने साथ ले गई। इस पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक महिला को मुक्तिधाम से अस्थियां ले जाते हुए देखा जा सकता है।
पिता की अस्थियों के लिए मासूमों की थाने में गुहार
पिता की अस्थियां चोरी होने की जानकारी मिलने के बाद दोनों मासूम भाई-बहन खुद सिविल लाइन थाना पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। बच्चों का कहना था—“हमें हमारे पापा की अस्थियां वापस चाहिए।”
पुलिस जांच में जुटी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां पिता की मौत के बाद उनके मासूम बच्चों को इंसाफ के लिए खुद थाने के चक्कर लगाने

प्रशांत गौतम

Related Articles

Back to top button