अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज को नया नेतृत्व
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गईं

जशपुरनगर(छत्तीसगढ़ उजाला)
जशपुर जिले के पमशाला स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के तीन दिवसीय राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन में समाज ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया। सम्मेलन के दूसरे दिन सर्वसम्मति से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय को समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।
समाज सेवा और समर्पण को मिली कमान
कौशल्या साय लंबे समय से समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के कार्यों से जुड़ी रही हैं। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए देशभर से आए प्रतिनिधियों ने उन्हें निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना। समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि उनके नेतृत्व में कंवर समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त करेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक एकता का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा
सम्मेलन के दौरान विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए भी महत्वपूर्ण पदाधिकारियों की घोषणा की गई।
राष्ट्रीय महासचिव – मंगरु साय पैंकरा
न्याय समिति अध्यक्ष – अनंत राम पाकरगांव
राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष – शांता साय, लैलूंगा
राष्ट्रीय युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष – हरिशंकर साय, मधुबन
भविष्य की रणनीति पर हुआ मंथन
बैठक में केवल नेतृत्व परिवर्तन ही नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को लेकर गंभीर विचार-विमर्श भी हुआ। समाज के उत्थान, युवाओं की शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और संगठन के विस्तार को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई।
इसी क्रम में “मिलनसार समाज एवं जनसेवा दौरा कार्यक्रम” को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत नव निर्वाचित पदाधिकारी विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों का दौरा कर समाजजनों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे।
वरिष्ठों ने दी शुभकामनाएँ
इस अवसर पर पूर्व पदाधिकारियों और समाज के प्रबुद्धजनों ने नवनियुक्त कार्यकारिणी को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कौशल्या साय के प्रभावशाली नेतृत्व में कंवर समाज शैक्षणिक, सामाजिक और संगठनात्मक रूप से नई ऊँचाइयों को छुएगा।
भव्य सम्मेलन में उमड़ा समाजजन
जशपुर के पमशाला में आयोजित इस तीन दिवसीय भव्य सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड से हजारों समाजजन शामिल हुए। सम्मेलन स्थल सामाजिक समरसता, एकता और उत्साह के रंग में सराबोर नजर आया।




