
रायगढ़(छत्तीसगढ़ उजाला)
रायगढ़ जिले में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए औद्योगिक इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा किए गए निरीक्षणों के बाद श्रम न्यायालय ने दिसंबर 2025 में छह कारखानों के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरणों का निपटारा करते हुए अधिभोगियों और प्रबंधकों पर भारी अर्थदंड लगाया है।
निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियमन एवं सेवा शर्तें) अधिनियम 1996 के गंभीर उल्लंघन सामने आए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और श्रमिकों की जान जोखिम में डालने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए श्रम न्यायालय ने दोषियों को दंडित किया।
इन उद्योगों पर कार्रवाई
जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, खरसिया रोड
अधिभोगी सब्यसाची बन्योपाध्याय एवं प्रबंधक अमरेश पांडे पर 1.50–1.50 लाख रुपये का जुर्माना।
नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड, तराईमाल
अधिभोगी सरदार सिंह राठी एवं प्रबंधक रविंद्र सिंह चौहान पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड।
सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, तराईमाल
संचालक विनय कुमार शर्मा एवं ठेकेदार अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपये का जुर्माना।
अलग प्रकरण में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा एवं प्रबंधक जी.के. मिश्र पर 2.80 लाख रुपये का जुर्माना।
एनआरव्हीएस स्टील्स लिमिटेड, तराईमाल
अधिभोगी एवं प्रबंधक पवन अग्रवाल पर 1.60 लाख रुपये का दंड।
एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा.लि., गौरमुड़ी
अधिभोगी एवं प्रबंधक मोहित कुमार मिश्रा पर 1.60 लाख रुपये का जुर्माना।
इस संबंध में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“श्रमिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी निरीक्षण और कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर एक कड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।




