
बस्तर-सुकमा के वनांचल क्षेत्रों में संचार सुविधाओं की कमी पर भी जताई चिंता
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)
भारतीय जनता पार्टी के एसआईआर प्रदेश प्रभारी एवं पूर्व सांसद जामयांग नामग्याल, खनिज निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा, एसआईआर प्रदेश कार्यालय प्रभारी मोहन पवार और वैभव वैष्णव ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर एसआईआर (Special Summary Revision) प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
वनांचल क्षेत्रों में मतदाता सूची उपलब्ध कराने पर उठे प्रश्न
बैठक के दौरान जामयांग नामग्याल ने राज्य निर्वाचन पदाधिकारी को अवगत कराया कि
बस्तर और सुकमा जैसे वनांचल क्षेत्रों में टेलीफोन और ऑनलाइन सुविधाओं का अभाव है।
ऐसे क्षेत्रों में मतदाता सूची उपलब्ध कराने और फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया में गंभीर चुनौतियाँ सामने आ रही हैं।
उन्होंने पूछा कि—
जहां इंटरनेट/फोन सुविधा नहीं, वहां एसआईआर प्रक्रिया कैसे प्रभावी हो सकती है?
पोलिंग बूथ स्तर पर फॉर्म जमा करने का विकल्प कैसे सुचारू किया जाए?
बीएलओ से राजनीतिक दलों को आयोग की ओर से किस तरह सहयोग मिले?
इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
“बीएलओ द्वारा प्रक्रिया गंभीरता से नहीं अपनाई जा रही” — भाजपा
भाजपा नेताओं ने अपने ज्ञापन में कहा कि 4 नवंबर से जारी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान
राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को अभी तक
इलेक्शन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) द्वारा परिचय पत्र जारी नहीं किए गए हैं।
ज्ञापन के अनुसार —
कई स्थानों पर बीएलओ निर्धारित मानकों के अनुसार घर-घर जाकर सत्यापन नहीं कर रहे।
पखवाड़े से अधिक समय बीतने के बावजूद मतदाताओं के आवास पर पहुंचकर जांच नहीं हो रही।
इसके बजाय एक ही स्थान से फॉर्म बांटने का कार्य किया जा रहा है, जो नियम-विरुद्ध है।
“बीएलО पर कार्रवाई न होना चिंताजनक” — भाजपा
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने यह भी उल्लेख किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बीएलओ के लिए निर्धारित नियमों के उल्लंघन के बावजूद
इलेक्शन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
इससे वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़ने से वंचित रह सकते हैं,
जो अन्यायपूर्ण स्थिति होगी।
अनियमितताओं को दूर करने की मांग
भाजपा नेताओं ने राज्य निर्वाचन पदाधिकारी से अनुरोध किया कि—
एसआईआर प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को तत्काल दूर किया जाए,
नियम विरुद्ध काम कर रहे बीएलओ पर कार्रवाई हो,
वनांचल क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,
ताकि प्रदेश के मतदाताओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।




