ग्राम पंचायत कुडकई में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा आरोप: सचिव संतराम यादव पर महिला पंचों से दुर्व्यवहार और 1 लाख रुपये गबन करने का गंभीर आरोप, कुडकई से जनपद पेंड्रा-जनपद पेंड्रा से जिला पंचायत तक पहुँची शिकायतें, लेकिन कार्रवाई ठप — क्या भ्रष्टाचार की जड़ें ऊपर तक फैली है?

जीपीएम/पेंड्रा(छत्तीसगढ़ उजाला)-जनपद पंचायत पेंड्रा के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुडकई वित्तीय लापरवाही और भ्रष्टाचार की आशंका के कारण चर्चाओं में है। पंचायत सचिव संतराम यादव के खिलाफ ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को विस्तृत शिकायत सौंपी है। आरोपों में बकरी बाजार नीलामी से मिली राजस्व राशि में हेराफेरी, योजनाओं में अनियमितता और महिला पंचों से दुर्व्यवहार शामिल है।
शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि वर्ष 2025-26 के बकरी बाजार ठेका से प्राप्त 15 लाख रुपये नकद में से सचिव द्वारा सिर्फ 14 लाख रुपये ही पंचायत खाते में जमा किए गए। शेष 1 लाख रुपये का कोई हिसाब नहीं है, जो अब जांच का महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
बकरी बाजार नीलामी में भारी गड़बड़ी
वर्ष 2024-25 में ठेका आवंटन में कथित मिलीभगत से पंचायत को 27,78,100 रुपये की क्षति
वर्ष 2025-26 में ठेकेदार द्वारा दूसरी किस्त 18 लाख रुपये जमा न करने पर भी नियमों की उपेक्षा
ठेका निरस्त करने के बजाय सचिव द्वारा ही ठेका स्थगन कराने में मदद करने के आरोप
जनप्रतिनिधियों का आरोप — सचिव को अधिकारियों का संरक्षण
गांव के सरपंच एवं पंचों का कहना है कि इतनी शिकायतें, सबूत और गंभीर आरोपों के बावजूद उच्च अधिकारियों ने अब तक सचिव के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की है।
यही वजह है कि ग्रामीणों में यह विश्वास गहराता जा रहा है कि
> “सचिव संतराम यादव को विभागीय संरक्षण प्राप्त है, तभी उनके खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही।”
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से एक ही पंचायत में कार्यरत संतराम यादव बेखौफ होकर मनमानी कर रहे हैं।
निर्माण कार्यों में भी भ्रष्टाचार की बू
बिही बगीचा, साइकिल स्टैंड, सड़क निर्माण सहित अन्य कार्यों में भारी-भरकम राशि खर्च का दावा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत बताई जा रही है। ग्रामीणों ने इन समस्त कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
महिला पंचों से दुर्व्यवहार का भी आरोप
प्रस्ताव रजिस्टर में खाली स्थान पर हस्ताक्षर कराना
बाद में मनमाना प्रस्ताव लिखकर राशि आहरण
पंचों को जानकारी नहीं देना
यह प्रक्रिया गांव की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाती है।
अब ग्रामीणों की मांग — बर्खास्तगी और कड़ी जांच
ग्रामीणों का कहना है कि छोटा-सा गांव कुडकई भ्रष्टाचार का केंद्र बनता जा रहा है। इसलिए—
✔ सचिव का तत्काल हटाया जाना
✔ राजस्व और योजनागत राशि का लेखा-जोखा
✔ दोषियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।
वर्तमान में पूरा मामला जांच और कार्रवाई के इंतज़ार में है। ग्रामीणों की नजर अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है कि भ्रष्टाचार के इस खेल पर कब लगाम लगेगी।




