*एक पहल बिलासपुर पुलिस के संग : रक्षाबंधन के समय महिला टीआई ने पेश की संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल, महिला सिपाही के साथ खुद निकलीं बुलट पर*
संवादाता - प्रतीक सोनी

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। पुलिस की वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और भरोसे का प्रतीक भी है। इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए बिलासपुर की पचपेड़ी थाना प्रभारी ने महिला सिपाही के साथ खुद बुलट पर निकलकर लोगों के बीच पहुंचने की पहल की।
महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय भागीदारी और आम लोगों से सीधे संवाद की यह पहल पुलिसिंग के एक नए और सकारात्मक स्वरूप को सामने लाती है। थाना स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, उनकी समस्याओं को समझने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिला पुलिस टीम क्षेत्र में सक्रिय नजर आई।
महिला टीआई का महिला सिपाही के साथ खुद सड़क पर निकलना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। इस दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं और आम नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को समझने का प्रयास किया।
वर्दी में संवेदनशीलता का संदेश
महिला पुलिस अधिकारियों की ऐसी पहल से यह संदेश जाता है कि पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज के बीच रहकर लोगों का भरोसा जीतने वाली व्यवस्था भी है। खासकर महिलाओं के बीच पुलिस की सहज पहुंच और संवाद उन्हें अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
बिलासपुर पुलिस की यह पहल ‘सख्ती के साथ संवेदनशीलता’ की सोच को मजबूत करती है। महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय मौजूदगी से शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश भी गया है।
हालांकि यह वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रहा है जिसको कुछ वेब मीडिया द्वारा रील बता कर खबर चलाई जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि बिलासपुर में हुए बवाल और रक्षाबंधन में भाइयों की सुरक्षा को लेकर के थाना प्रभारी द्वारा लगातार यातायात व्यवस्था और सुगम यातायात व्यवस्था को लेकर के और उनकी सुरक्षा को मध्य नजर देखते हुए महिला थाना पचपेड़ी की टीआई कमला पुसाम ठाकुर मैडम खुद सरकारी वाहन में ना निकल कर बुलेट में स्वयं ही निरीक्षण करने निकल गई। हाल ही जानकारी में उन्होंने बताया कि मेरी बाइक रिपेयरिंग के लिए दी गई हुई थी। इसके लिए मैंने टेस्ट ड्राइव की और मैं पूरे इलाके का निरीक्षण स्वाध्याय किया। इलाके में शांति व्यवस्था को देखने के लिए उन्होंने स्वयं कई लोगों को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन की बधाई दी। पूरे क्षेत्र में रक्षा बंधन में बहने अपने भाइयों को हेलमेट लगाकर चलने के लिए प्रेरित की और खुद भी बुलेट में 🪖 लगाकर निकली l और लगातार क्षेत्र में साइबर जागृति अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर के मद्देनजर गांवों में बुलेट से पहुंच रही है l अपना कार्य कर रही है , रील नहीं बना रही है l अपने कर्तव्य में है l




