राखी की डोर में बंधा कर्तव्य का सम्मान: अभाविप की बहनों ने पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों और सफाई कर्मियों को बांधी राखी
“एक राखी कर्तव्य को नमन” पहल के जरिए समाजसेवा में जुटे कर्मवीरों का जताया आभार
बैकुंठपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-रक्षाबंधन के पावन पर्व को सामाजिक सरोकार और सेवा के सम्मान से जोड़ते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) नगर इकाई बैकुंठपुर, जिला कोरिया ने एक प्रेरणादायक पहल की। परिषद की छात्र बहनों ने समाज की सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए निरंतर सेवा में जुटे पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों एवं सफाई कर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त की।
“एक राखी कर्तव्य को नमन” की भावना के साथ आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उन कर्मवीरों को सम्मानित किया गया, जो अपने कर्तव्य के निर्वहन के लिए दिन-रात समाज की सेवा में जुटे रहते हैं। कई अवसरों पर ये कर्मवीर अपने परिवार और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से दूर रहकर भी आमजन की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा के लिए तत्पर रहते हैं।
अभाविप की छात्र बहनों ने राखी बांधते हुए संदेश दिया कि समाज की रक्षा और सेवा में समर्पित हर व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है। रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर बहनों ने कर्मवीरों के योगदान को नमन करते हुए उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
पुलिसकर्मी जहां दिन-रात कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए सजग रहते हैं, वहीं डॉक्टर अपने सेवा भाव से लोगों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। दूसरी ओर, सफाई कर्मी अपनी मेहनत और समर्पण से शहर को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इन सभी कर्मवीरों की कलाई पर राखी बांधकर छात्र बहनों ने यह संदेश दिया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि समाज की रक्षा और सेवा में जुटे हर कर्मवीर के प्रति सम्मान और विश्वास व्यक्त करने का भी अवसर है।
इस अवसर पर नगर मंत्री आयुषी साहू, माही, पंकज, जिला संयोजक बलबीर पुषाम सहित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अन्य कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अभाविप बैकुंठपुर की इस अनूठी पहल ने रक्षाबंधन के पर्व को एक नई सामाजिक भावना से जोड़ दिया। यहां राखी केवल रिश्तों की डोर नहीं रही, बल्कि कर्तव्य, सेवा, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बनकर सामने आई।



