फिर महकेगी बुंदेलखंड की रसोई: ‘बुंदेली शेफ सीज़न-4’ जल्द देगा स्वाद, सपनों और पहचान को नया मंच

इंदौर, मई 2026।
बुंदेलखंड की मिट्टी की सौंधी खुशबू, देसी व्यंजनों का पारंपरिक स्वाद और महिलाओं की पाककला का अद्भुत हुनर एक बार फिर पूरे क्षेत्र में उत्साह जगाने लौट रहा है। लोकप्रिय कुकिंग रियलिटी मंच ‘बुंदेली शेफ’ अब अपने चौथे सीज़न के साथ जल्द दर्शकों के बीच आने वाला है। यह मंच केवल एक कुकिंग प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और घरेलू रसोई में छिपी प्रतिभाओं का बड़ा उत्सव बन चुका है।
इस बार ‘बुंदेली शेफ सीज़न-4’ पहले से कहीं अधिक भव्य और रोमांचक होने जा रहा है। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के हुनर को परखने के लिए तीन बड़े ऑडिशन राउंड आयोजित किए जाएंगे। इन राउंड्स से चयनित प्रतिभागियों को क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फिर ग्रैंड फिनाले तक पहुँचने का अवसर मिलेगा, जहाँ बुंदेलखंड की सर्वश्रेष्ठ रसोई और बेहतरीन पाक प्रतिभा की नई पहचान सामने आएगी।
बुंदेलखंड 24×7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि जब ‘बुंदेली शेफ’ की शुरुआत की गई थी, तब उद्देश्य सिर्फ एक कुकिंग शो बनाना नहीं था, बल्कि उन प्रतिभाशाली महिलाओं को मंच देना था जिनका हुनर अक्सर घर की चारदीवारी तक सीमित रह जाता है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन सीज़नों में इस मंच ने कई महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाया, उन्हें नई पहचान दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी। आज यह मंच बुंदेलखंड की संस्कृति, स्वाद और परंपरा का प्रतीक बन चुका है।
‘बुंदेली शेफ’ के पिछले तीनों सीज़न प्रतिभा और प्रेरणा की मिसाल रहे हैं।
सीज़न-1 की विजेता शमिता सिंह ने पारंपरिक स्वाद से लोगों का दिल जीता।
सीज़न-2 में ज़हीदा परवीन ने अपने अनोखे प्रयोगों और बेहतरीन व्यंजनों से अलग पहचान बनाई।
वहीं हाल ही में सम्पन्न हुए सीज़न-3 में शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब व्यंजनों से जीत हासिल कर पूरे बुंदेलखंड का गौरव बढ़ाया।
‘बुंदेली शेफ’ अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उस भावना का उत्सव बन चुका है जहाँ महिलाएँ अपनी थाली में सिर्फ व्यंजन नहीं, बल्कि अपने संस्कार, सपने और आत्मीयता परोसती हैं। हर सीज़न के साथ यह मंच साबित कर रहा है कि बुंदेलखंड की रसोई में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने वाली अपनापन भरी संस्कृति भी बसती है।
सीज़न-4 को लेकर अभी से लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यह मंच उन स्वादों और कहानियों को दुनिया तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है, जो आज भी बुंदेलखंड की रसोई में प्रेम और परंपरा के साथ पकती हैं।




