*सियासत ……मोदी को लेकर खरगे के दिए बयान पर भूपेश और सीएम साय आमने सामने ……*

छत्तीसगढ़ उजाला रायपुरः
●सियासत●
चुनाव आते ही नेताओ की जुबानी जंग जोरो पर नजर आती है।विरोध करने के चक्कर मे मामला कहा से कहा पहुच जाता है।कांग्रेस के अध्यक्ष खरगे अब भाजपा नेताओं की नजरों में आ गए।देश के प्रधानमंत्री को आतंकी कहना कही कांग्रेस को भारी न पड़ जाए।एक दिन पूर्व का मामला अब सत्ता के गलियारों में गर्म नजर आ रहा है।कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए आतंकी शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर प्रदेश में बयानबाजी शुरू है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए प्रयुक्त अपमानजनक शब्दों के लिए कांग्रेस और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे मांफी मांगें। उनकी टिप्पणी न केवल स्तरहीन, अपमानजनक, अमर्यादित और अशिष्ट है, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों का भी अपमान है जो प्रधानमंत्री को अपना आदर्श मानते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की बौखलाहट उसके राजनीतिक पतन का स्पष्ट संकेत है। खरगे का बयान कांग्रेस की सोच और उसके पतन को दर्शाती है, जहां मुद्दों की जगह व्यक्तिगत आक्षेप और अमर्यादित भाषा ने ले ली है। लोकतंत्र में ऐसी मानसिकता न केवल अस्वीकार्य है,बल्कि जनभावनाओं का अपमान भी है। कांग्रेस को तुरंत आत्ममंथन करते हुए बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

इधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी बात स्पष्ट कर दी है। पूरा देश, खासतौर पर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी प्रधानमंत्री से आतंकित और डरे सहमे हैं। उनकी यह स्थिति है कि प्रधानमंत्री से बात तक नहीं कर सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि भाजपा को चुनाव आयोग जाने की क्या जरूरत थी। वे बस एक फोन करा देते तो चुनाव आयोग कार्रवाई कर देता।

वैसे इस बयानबाजी में कांग्रेस की कुंठित सोच सामने आ गयी है।अब भाजपा के लोग भी कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान को लेकर आरपार करने के मूड में आ गए है।छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच भी जुबानी जंग छिड़ गई है।अब इस मामले पर कांग्रेस क्या करती है यह देखना बाकी है।




