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ग्रीन क्रेडिट योजना चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट! मरवाही वनमंडल मे अधिकारी–कर्मचारी–सप्लायर गठजोड़ से संगठित करोड़ों का घोटाला

GPM(छत्तीसगढ़ उजाला)-केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रीन क्रेडिट योजना मरवाही वनमंडल में कथित तौर पर बड़े भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरी योजना में शुरुआत से ही सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया गया और अधिकारियों, कर्मचारियों व सप्लायरों के गठजोड़ से करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया गया।
शुरुआत से ही खेल: अनुपयुक्त जमीन पर प्लांटेशन
आरोप है कि तत्कालीन DFO रौनक गोयल के कार्यकाल में प्लांटेशन के लिए चुनी गई लगभग 90% साइट अनुपयुक्त थीं। योजना की स्वीकृति मिलते ही बिना जांच-पड़ताल के जल्दबाजी में कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे पूरी योजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
मजदूरों की जगह JCB, फिर फर्जी खातों में भुगतान
नियमों के अनुसार गड्ढों की खुदाई मजदूरों से कराई जानी थी, लेकिन यहां JCB और ट्रैक्टर से काम कराया गया। शिकायत के बाद भुगतान रोका गया, मगर कुछ महीनों बाद फर्जी मजदूरों के नाम पर खातों में पैसा डालकर राशि निकाल ली गई और बंदरबांट कर लिया गया।
पौधा तैयारी के नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा
योजना के तहत लगभग 500 हेक्टेयर के लिए 300 टाल प्लांट पौधे तैयार किए जाने थे, लेकिन आरोप है कि:
उपजाऊ मिट्टी, खाद, बीज और दवाइयों की खरीद केवल कागजों में दिखाई गई
GEM पोर्टल के जरिए चहेती फर्मों से फर्जी बिल लेकर भुगतान किया गया
करीब 2 करोड़ रुपये केंद्रीय नर्सरी साधवानी और चिचगोहना में बुक, जबकि पौधे तैयार ही नहीं हुए
सामग्री क्रय में मुख्य लिपिक शैल गुप्ता एवं एस. ड़ी.ओ. (गौरैला,पेंड्रा, मरवाही )सहित उच्च अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध हैं..
टाल प्लांट की जगह मनरेगा योजना से तैयार किये गए पुराने पौधों का इस्तेमाल
जब टाल प्लांट तैयार नहीं हुए, तो पहले से मौजूद नर्सरी के 2 फीट के स्थानीय पौधों और मनरेगा के पौधों का रोपण कर दिया गया। कागजों में टाल प्लांट दिखाकर करोड़ों की राशि हड़पने का आरोप है।
टेंडर और सप्लाई में भी बड़ा घोटाला
GEM के जरिए चहेती फर्मों को टेंडर दिए गए
कई मामलों में घटिया या बिना सप्लाई के ही भुगतान
सामग्री खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी

इस कथित घोटाले में कई स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता बताई जा रही है, जिनमें शामिल हैं:
तत्कालीन DFO रौनक गोयल
मुख्य लिपिक शैल गुप्ता
उपवनमंडल अधिकारी (गौरेला–पेंड्रा)
GEM टेंडर प्रभारी
ग्रीन क्रेडिट शाखा प्रभारी (DFO ऑफिस मरवाही)
परिक्षेत्र अधिकारी – खोडरी, गौरेला, पेंड्रा, मरवाही
नर्सरी प्रभारी – केंद्रीय नर्सरी चिचगोहना, साधवानी,

इंद्रा उद्यान रोपणी पेंड्रा
संबंधित रोपण प्रभारी एवं सह-प्रभारी

पूरे मामले को लेकर अब CBI या EOW से उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए । यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह वन विभाग के सबसे बड़े घोटालों में से एक हो सकता है।

प्रशांत गौतम

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