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*बिना नंबर की गाड़ी को थाना से छुड़ाने पहुंचे ढावा संचालक ने पेश नहीं किया वाहन का दस्तावेज, उल्टा टीआई पर लगाया गंभीर आरोप मिडिया के सवाल से बनाई दूरी*

छत्तीसगढ़ उजाला

 

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुनानक ढावा संचालक खुशल मखीजा ने चकरभाठा थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाया था कि टीआई ने उसके ढाबे के सामने उसके स्टाफ की बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी खड़ी थी, जिसे वह स्वीकार करता है। इसी दौरान पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। थाना स्टाफ के एएसआई जायसवाल और आरक्षक विजय शर्मा ने बिना चाबी के ही गाड़ी जब्त कर थाने ले गए।  स्टाफ से सूचना मिलने पर जब वह थाने पहुंचा, तो उसे थाना प्रभारी से बात करने को कहा गया। आरोप है कि थाना प्रभारी ने उस पर कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उसकी कॉलर पकड़कर धक्का दिया और जबरन बैठाया। इसके बाद कुछ देर में फिर आकर उसकी दाढ़ी खींची और उसके साथ मारपीट की थी। जिसकी शिकायत ढावा संचालक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी की है। इस पूरे मामले ने पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  पुलिस सिमली जानकारी के अनुसार:- 

चकरभाठा थाना से मिली जानकारी के अनुसार बीच-बीच में शिकायत मिलने पर यातायात व्यवस्था एवं चेकिंग अभियान चलाया जाता है। इसी तारतम्य में दो पहिया वाहन को जब्त कर थाना में लेकर लाया गया था, ढावा संचालक जब थाना परिसर आए तो उनसे वाहन संबंधित दस्तावेज मांगे गए। उन्होंने दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किया। गाड़ी का नंबर भी नहीं लगा है और चेचिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ (नुकीले चीज से खुरेदा)  किया गया है।

ढाबा संचालक ने उजाला टीम से बनाई दूरी 

मामले में उजाला टीम जब ढावा संचालक से जानकारी चाही कि वह वाहन जिसके लिए वो थाना चकरभाठा ग‌ए थे, तो खुशल मखीजा के बड़े भाई ने कहा कि वह अभी बाहर है और उनका नंबर भी हम नहीं दे सकते क्योंकि वह अभी बात नहीं कर सकते हैं। उजाला टीम को एक वाहन चोरी की एफआईआर मिली है जिसका अपराध कोतवाली थाना में दर्ज है। जिसको दिनांक 23/09/2025 मोटर सायकल स्पेलेर प्लस क्रमांक CG 10 BS 3492 इंजन – HA11E7I5M02697 चेचिस नं MBLHAW221P5MO1541 कीमती 40,000/- रूपये को कोतवाली पुलिस ने मोटर सायकल को किसी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है, रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। गाड़ी का रंग और वाहन की शिनाख्त के लिए फिलहाल कोतवाली पुलिस को सौंपा गया है। इधर संचालक द्वारा मामले को तूल देने के लिए उल्टा प्रभारी पर सिख समाज को लेकर माहौल बनाने के लिए टीआई पर आरोप लगाया है। सवाल यह है कि आखिर कौन स्टाफ है जो बिना नंबर और चेचिस को खुरेद कर वाहन का उपयोग कर रहा था। इसकी जानकारी मिडिया को नहीं दी गई, या फिर ढावा संचालक की बताई कहानी और शिकायत पर एक प्रश्न चिन्ह लग रहा है।

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