राज्यव्यापी महापरीक्षा: गौरेला–पेंड्रा–मरवाही में 14,675 नवसाक्षर हुए शामिल, 384 केंद्रों पर सफल आयोजन

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा आयोजित बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन 22 मार्च 2026 (रविवार) को प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
जिले के तीनों विकासखंड—गौरेला, पेंड्रा और मरवाही—के 92 संकुलों में स्थित 166 ग्राम पंचायतों एवं 3 नगरीय निकायों के कुल 384 परीक्षा केंद्रों में यह महापरीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा संचालन के लिए 384 केंद्राध्यक्ष एवं 515 पर्यवेक्षक-सह-मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए गए थे, वहीं जिला एवं विकासखंड स्तर पर गठित मॉनिटरिंग दल द्वारा सतत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा गया।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नजदीकी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में केंद्र बनाए गए थे। शाम 5 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 14,675 नवसाक्षर परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि अंतिम रिपोर्ट शाम 6 बजे तक प्राप्त होने की संभावना है।
परीक्षा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण भी किया, जिनमें सेमरा, जोगियापारा, धनगंवा (गौरेला), सरखोर, नवागांव, झाबर (पेंड्रा) एवं अंडी, धोबहर (मरवाही) शामिल हैं। इस दौरान 86 वर्षीय मोहनलाल गुप्ता, 75 वर्षीय लक्ष्मी सोनी एवं 65 वर्षीय ओमवती जैसे वरिष्ठ नागरिकों ने भी परीक्षा में भाग लेकर साक्षरता के प्रति अद्भुत उत्साह का परिचय दिया। अधिकारियों ने उनका उत्साहवर्धन किया।
जिला स्तरीय मॉनिटरिंग दल में मुकेश कोरी (जिला नोडल अधिकारी), संजय गुप्ता (सहायक जिला नोडल), बनवाली वासुदेव (प्राचार्य), उषा मित्रा एवं आलोक शुक्ला (ब्लॉक नोडल अधिकारी) शामिल रहे। इसके अलावा संकुल शैक्षिक समन्वयक, ग्राम प्रभारी शिक्षक, स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवी शिक्षक एवं डाइट के छात्राध्यापकों का भी सराहनीय योगदान रहा।
परीक्षा केंद्रों में नवसाक्षरों का फूल-माला, गुलदस्ता एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे पूरे जिले में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। परीक्षा की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए थे।
सफल परीक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
यह महापरीक्षा जिले में साक्षरता अभियान को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज के हर वर्ग में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह का प्रतीक बनी।





