छत्तीसगढरायपुर

क्रेडा में सख्ती: बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, लेटलतीफ कर्मचारियों की वेतन कटौती के निर्देश


रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शासकीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, कसावट और जवाबदेही सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देशों के बाद अब विभागों में सख्ती नजर आने लगी है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में मंत्रालय में सभी विभागों के सचिवों और विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर आमजन से जुड़े मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सभी विभागों में आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के माध्यम से अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जनवरी 2026 से क्रेडा मुख्यालय में AEBAS लागू
क्रेडा के सीईओ श्री राजेश सिंह राणा ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का तत्काल पालन करते हुए जनवरी 2026 से क्रेडा प्रधान कार्यालय में AEBAS प्रणाली के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। प्रशासनिक कसावट और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं प्रतिदिन सुबह 10 बजे के बाद उपस्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
जो अधिकारी या कर्मचारी समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं, उन्हें कड़ी चेतावनी दी जा रही है। साथ ही लगातार लापरवाही बरतने वालों के वेतन में कटौती के स्पष्ट निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मैदानी कार्यालयों में भी सख्त निगरानी
केवल मुख्यालय ही नहीं, बल्कि क्रेडा के मैदानी कार्यालयों में भी AEBAS प्रणाली के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आई है और समय-सीमा में कार्य पूर्ण होना सुनिश्चित हो रहा है।
सौर संयंत्रों के रखरखाव में भी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
क्रेडा द्वारा स्थापित सौर संयंत्रों के रख-रखाव और मॉनिटरिंग का कार्य सेवाकर्ता इकाइयों के माध्यम से कराया जाता है। अब इन इकाइयों को भुगतान परफॉर्मेंस आधारित प्रणाली के तहत किया जा रहा है। कार्यादेश के अनुसार निर्धारित गुणवत्ता और दक्षता के साथ कार्य पूर्ण करने पर ही भुगतान जारी किया जा रहा है।
लापरवाही बरतने वाली इकाइयों के देयकों से अनुपातिक कटौती की जा रही है। इन कार्यों की निगरानी के लिए जिला एवं जोनल प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे सौर संयंत्रों का संचालन और रखरखाव अधिक सुदृढ़ और प्रभावी हो रहा है।
कुल मिलाकर, क्रेडा में प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही को लेकर अब स्पष्ट सख्ती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी कार्यप्रणाली और परिणाम आधारित व्यवस्था लागू कर विभाग में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को धरातल पर उतारा जा रहा है।

प्रशांत गौतम

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