*राजधानी रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम को लेकर बड़ा अपडेट, इस दिन जारी हो सकता है नोटिफिकेशन, जानिए कौन होंगे पहले आयुक्त?*
छत्तीसगढ़ उजाला

रायपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की तिथि नजदीक आती जा रही है। साय सरकार ने इसके लिए 23 जनवरी की तारीख निर्धारित की है। इसके अनुपालन में अब सरकार विभिन्न औपचारिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रही है। विधि विभाग से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद कभी भी इसकी अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई जा रही है। कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद राजधानी की पुलिस व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक रायपुर में लागू किया जाने वाला मॉडल भोपाल कमिश्नरी सिस्टम के अनुरूप होगा। प्रस्तावित ढांचे के अनुसार रायपुर कमिश्नरी में एक पुलिस कमिश्नर (आईजी स्तर) की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा एक अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (डीआईजी स्तर) तैनात होंगे। वहीं, पुलिस उपायुक्त के पद पर 5 से 6 अधिकारी (एसपी स्तर), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के रूप में 6 से 7 अधिकारी (एएसपी स्तर) और सहायक पुलिस आयुक्त के तौर पर 14 से 15 अधिकारी (डीएसपी स्तर) पदस्थ किए जाएंगे। कमिश्नरी सिस्टम के तहत 22 प्रकार के मजिस्ट्रियल अधिकार पुलिस कमिश्नर और उनके अधीनस्थ अधिकारियों को सौंपे जाएंगे। इनमें प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, जिलाबदर की कार्रवाई, जुलूस एवं सभाओं की अनुमति जैसे महत्वपूर्ण अधिकार शामिल हैं। इससे कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय संभव हो सकेगा।

कौन होगा रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त?
भले ही 23 जनवरी से रायपुर में आयुक्त प्रणाली लागू होने जा रही हो, लेकिन अब तक सरकार की ओर से यह तय नहीं किया गया है कि रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर कौन होगा। चूंकि पुलिस कमिश्नर आईजी स्तर का पद होता है, इसलिए इस रेस में अजय यादव, बद्रीनारायण मीणा, रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा, बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला, राजनांदगांव आईजी अभिषेक शांडिल्य, सरगुजा आईजी दीपक झा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामगोपाल गर्ग को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर बनाए जाने की संभावना है। रामगोपाल गर्ग वर्तमान में दुर्ग में आईजी के पद पर पदस्थ हैं और इससे पहले वे सरगुजा में तैनात रह चुके हैं। हालांकि स्वच्छ छवि वाले रामगोपाल गर्ग को लेकर अंतिम फैसला प्रदेश का गृह विभाग ही लेगा।
हाई-लेवल कमिटी ने सौंपी थी रिपोर्ट
गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के लिए अक्टूबर महीने में एक प्रारूप तैयार किया गया था। यह प्रारूप एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा तैयार किया गया था और इसे राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम को सौंपा गया था। नई प्रणाली लागू होने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) की भी तैनाती की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के बाद दूसरा महत्वपूर्ण पद ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर का होता है। ऐसे में मौजूदा एसएसपी लाल उमेद सिंह के नाम पर मुहर लग सकती है।
क्या होता है पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम?
पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था में पुलिस आयुक्त सर्वोच्च प्रशासनिक पद होता है। यह व्यवस्था आमतौर पर महानगरों में लागू होती है और इसकी शुरुआत अंग्रेजों के शासनकाल में हुई थी। पहले यह व्यवस्था कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास जैसे प्रेसीडेंसी शहरों में लागू थी, जिन्हें बाद में महानगरीय शहर कहा जाने लगा। इन शहरों में पुलिस व्यवस्था तत्कालीन आधुनिक पुलिस प्रणाली के समान थी। देश के अन्य हिस्सों में पुलिस व्यवस्था भारतीय पुलिस अधिनियम, 1861 पर आधारित रही है और आज भी अधिकांश शहरों में यही प्रणाली लागू है। इस अधिनियम के भाग-4 के तहत जिला अधिकारी (डीएम) के पास पुलिस पर नियंत्रण से जुड़े कुछ अधिकार होते हैं। इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत कार्यकारी मजिस्ट्रेट को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ शक्तियां दी गई हैं। साधारण शब्दों में कहा जाए तो पुलिस अधिकारी स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले सकते और उन्हें डीएम, संभागीय आयुक्त या शासन के आदेशों के तहत कार्य करना पड़ता है। लेकिन पुलिस आयुक्त सिस्टम लागू होने के बाद ये अधिकार सीधे पुलिस अधिकारियों को मिल जाते हैं, जिससे वे कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसले तेजी से ले सकते हैं।




