
• वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान, एलबी संवर्ग को समस्त सेवा लाभ, वीएसके एप की विभाग द्वारा पृथक से डिवाइस देना, टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) की अनिवार्यता को रद्द मांगे शामिल
गीदम/दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ उजाला)। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन की ब्लॉक इकाई गीदम ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। गीदम ब्लॉक अध्यक्ष नितिन विश्वकर्मा ने कहा कि वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्त्रत वेतनमान देना हमारी कोई नई मांग नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों का संवैधानिक अधिकार है। चुनाव से पूर्व भाजपा ने मोदी की गारंटी के तहत जो वादे किए थे, वे आज भी अधूरे हैं। छत्तीसगढ़ शासन की वादाखिलाफी से प्रदेश का सहायक शिक्षक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन का प्रांतीय सलाहकार तिरपरेश चापड़ी ने बताया कि फेडरेशन की प्रमुख 4 सूत्रीय मांगें हैं। इसमें सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर सभी को क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान करने, पूर्व की सेवा की गणना करते हुए एलबी संवर्ग को समस्त सेवा लाभ देने। वीएसके एप की अनिवार्यता निजी मोबाइल पर समाप्त कर विभाग द्वारा पृथक से डिवाइस देने, पूर्व से नियुक्त शिक्षकों पर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग शामिल है। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि 17 जनवरी 2026 को गीदम ब्लॉक के सभी शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। पूरे गीदम ब्लॉक में शैक्षणिक तालाबंदी की जाएगी। शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन सरकार के लिए एक अंतिम संदेश है। यदि संकल्प पत्र के वादे पूरे नहीं हुए, तो आने वाले समय में आंदोलन को और भी उग्र और व्यापक बनाया जाएगा। इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष देवलाल पांडे, ब्लॉक सचिव सुरेश गुप्त, जिला उपाध्यक्ष शिवराम नाग, भैयालाल मरकाम, मंजू राठौर, सविता हपका, प्रमिला दर्रो शिल्पा चौहान, मंजुलता नेताम, कलेश कोर्राम, सोमेश्वर कारते, अविनाश कंवर, पवन सिंहा के साथ अन्य शिक्षकगण भी उपस्थित थे।




