पीएम-उषा योजना में गड़बड़ी उजागर, GeM पोर्टल खरीदी में अनियमितता पर 5 उच्च शिक्षा अधिकारी निलंबित

रायपुर/महासमुंद(छत्तीसगढ़ उजाला)
छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद जिले के शासकीय महाविद्यालय लोहारकोट और पिथौरा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम-उषा (PM-USHA)’ योजना के तहत आवंटित राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आने के बाद एक प्राचार्य और चार सहायक प्राध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्राचार्य पर नियमों की अनदेखी का आरोप
सबसे बड़ी कार्रवाई शासकीय महाविद्यालय लोहारकोट में की गई है। यहां के प्राचार्य डॉ. एस.एस. तिवारी पर पीएम-उषा मद से मिली राशि के उपयोग में गंभीर लापरवाही और अनियमितता के आरोप लगे हैं।
जांच में सामने आया कि GeM पोर्टल के माध्यम से सामग्री क्रय में वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया गया तथा छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 (संशोधित 2025) का पालन नहीं किया गया। इसे सिविल सेवा आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।
पिथौरा कॉलेज के चार सहायक प्राध्यापक भी निलंबित
इसी प्रकरण की जांच की आंच शासकीय महाविद्यालय पिथौरा तक पहुंची, जहां चार सहायक प्राध्यापक पीएम-उषा योजना के अंतर्गत GeM पोर्टल से की गई खरीद प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता में संलिप्त पाए गए। राज्य शासन ने आदेश जारी कर चारों को भी निलंबित कर दिया।
निलंबित अधिकारियों की सूची
डॉ. एस.एस. तिवारी – प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय लोहारकोट
डॉ. सीमा अग्रवाल – सहायक प्राध्यापक, पिथौरा
डॉ. बृहस्पतु सिंह विशाल – सहायक प्राध्यापक, पिथौरा
श्री पीठी सिंह ठाकुर – सहायक प्राध्यापक, पिथौरा
डॉ. एस.एस. दीवान – सहायक प्राध्यापक, पिथौरा
मुख्यालय बदला, जांच जारी
निलंबन अवधि के दौरान सभी अधिकारियों का मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय, रायपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच भी प्रारंभ कर दी गई है।
शिक्षा विभाग में हड़कंप
राज्य शासन की इस कड़ी कार्रवाई से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। जानकारों का मानना है कि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना पीएम-उषा के फंड में किसी भी तरह की हेराफेरी को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में और भी सख्त फैसले और कार्रवाई सामने आ सकती हैं।




