स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र में खुलेआम जुए का खेल? मनेंद्रगढ़ समेत आसपास के इलाकों में सक्रिय अवैध जुआ फड़

मनेंद्रगढ़(छत्तीसगढ़ उजाला)
मनेंद्रगढ़ और उससे लगे सीमावर्ती इलाकों में अवैध जुए के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार संतोष रजक (मनेंद्रगढ़) उर्फ लल्ला, मोहन गुप्ता, रोहित (कोतमा) और अवधेश कुमार (अमलाई) द्वारा बड़े पैमाने पर जुए के फड़ संचालित किए जा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि यह नेटवर्क पहले पेंड्रा में सक्रिय था, जहां कार्रवाई के बाद जुआ बंद हुआ। इसके बाद अमरकंटक में जुए का संचालन शुरू किया गया और अब एक बार फिर मनेंद्रगढ़ तथा आसपास के ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है, जहां रोजाना हजारों-लाखों रुपये का दांव लग रहा है।
सूत्रों के मुताबिक यह नेटवर्क कोई नया नहीं है। संतोष रजक उर्फ लल्ला पर आरोप है कि वह पिछले कई वर्षों से पेंड्रा, अमलाई, कोतमा, राजनगर, बैकुंठपुर और आसपास के इलाकों में जुए के कारोबार से जुड़ा रहा है। इसके बावजूद अब तक उसके खिलाफ कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई न होना अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
संरक्षण किसका? यही सबसे बड़ा सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा क्षेत्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभाव क्षेत्र में आता है, इसके बावजूद जुए के फड़ लंबे समय से संचालित होने की चर्चा है। स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि आख़िर इतने बड़े स्तर पर जुआ किसके संरक्षण में चल रहा है?
युवाओं और परिवारों पर पड़ रहा बुरा असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए के कारण क्षेत्र के युवा तेजी से इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। कई परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
लगातार शिकायतों और चर्चाओं के बावजूद अब तक न तो पुलिस और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने आई है। इससे यह आशंका और गहराती जा रही है कि
कहीं प्रशासनिक मिलीभगत या राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई तो नहीं रोकी जा रही?
क्षेत्रवासियों ने मांग की है किपूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए,अवैध जुए के फड़ तुरंत बंद किए जाएं,दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
यह भी स्पष्ट किया जाए कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर संज्ञान लेता है या फिर मनेंद्रगढ़ जुए के गढ़ के रूप में बदनाम होता रहेगा।
नोट: यह समाचार स्थानीय सूत्रों व जनचर्चाओं पर आधारित है। सभी आरोप जांच के अधीन हैं। सत्य की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही होगी




