
कोरबा(छत्तीसगढ़ उजाला)-जिले के एसईसीएल गेवरा कोयला खदान क्षेत्र में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब केसीपीएल और केके इंटरप्राइजेज के कर्मचारियों के बीच वर्चस्व को लेकर हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे सुरक्षाकर्मी भी हाथापाई का शिकार हो गए, जिससे खदान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
खदान में बढ़ती दबंगई, प्रबंधन की पकड़ ढीली
कर्मचारियों का कहना है कि गेवरा खदान में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, खदान प्रबंधन लगातार बढ़ रहे विवाद, दबंगई और अनुशासनहीनता पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। प्रबंधन की निष्क्रियता के चलते हालात धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं।
सीसीटीवी निगरानी कमजोर, कार्रवाई का डर खत्म
सूत्रों के अनुसार, पहले खदान परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए सख्त निगरानी रखी जाती थी। किसी भी अप्रिय घटना पर संबंधित ठेकेदार कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती थी, यहां तक कि उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाता था।
लेकिन अब यह व्यवस्था कमजोर पड़ गई है, जिससे कर्मचारियों में अनुशासन और कार्रवाई का भय समाप्त होता नजर आ रहा है।
बड़ी घटना की आशंका, प्रबंधन पर उठे सवाल
कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो खदान परिसर में कभी भी कोई बड़ी और गंभीर घटना घट सकती है। बताया जा रहा है कि एसईसीएल प्रबंधन को इस घटना की जानकारी दे दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस जांच में जुटी
इस मामले में दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि घटना को लेकर शिकायत दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




