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कोटा के अमाली में प्रस्तावित कोल वाशरी पर 22 दिसंबर को जन सुनवाई; ग्रामीणों का कड़ा विरोध—कहा, “पहले की वाशरियों से फसल-स्वास्थ्य तबाह, प्रशासन को परवाह नहीं”

बिलासपुर/करगीरोड (छत्तीसगढ़ उजाला)– कोटा के ग्राम पंचायत अमाली में प्रस्तावित नई कोल वाशरी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इस परियोजना के संबंध में जन सुनवाई का नोटिफिकेशन जारी किया है, जो 22 दिसंबर 2025 को प्रातः 11 बजे शासकीय निरंजन केशरवानी महाविद्यालय, कोटा के खेल मैदान में आयोजित की जाएगी।

मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम अमाली में  2.6 एमटीपीए क्षमता वाली ग्रीनफील्ड वेट टाइप कोल वाशरी परियोजना, कुल 9.71 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित की जानी है। इस संबंध में सुझाव, आपत्तियाँ और टिप्पणियाँ नोटिफिकेशन जारी होने के 30 दिनों के भीतर पर्यावरण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर में जमा की जा सकती हैं।

ग्राम सभा बिना जानकारी के NOC जारी? ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना ग्राम सभा की अनुमति और ग्रामीणों की जानकारी के, पंचायत द्वारा कोलवाशरी प्रबंधन को फर्जी तरीके से एनओसी जारी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें परियोजना के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई।

“कोल वाशरी हमारे लिए काल साबित होगी” – ग्रामीण

ग्रामवासियों ने वाशरी का तीखा विरोध करते हुए कहा कि वे किसी भी स्थिति में इसे खुलने नहीं देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही गतवा फाटक के पास कोल डंप और रेक संचालन के कारण क्षेत्र में धूल और प्रदूषण बढ़ चुका है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है
बच्चों और बुजुर्गों को दमा, खांसी और त्वचा संबंधी समस्याएँ बढ़ गई हैं ग्रामीणों का कहना है कि नई वाशरी खुलने से उनकी परेशानी कई गुना बढ़ जाएगी।


स्थानीय जनप्रतिनिधि भी विरोध में

जनपद सदस्य धर्मेंद्र देवांगन ने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए फर्जी ग्राम सभा अनुमोदन बनाकर एनओसी दी गई है। उन्होंने कहा:

> “यह जनमानस के लिए अत्यंत घातक परियोजना है। इसे किसी भी हालत में शुरू नहीं होने देंगे। जन सुनवाई अमाली में होना चाहिए था, लेकिन इसे कोटा कॉलेज में रखकर ग्रामीणों की आवाज दबाने की कोशिश की गई है।”


ग्रामीणों ने कहा– जन सुनवाई में दिखाएँगे मजबूत विरोध

ग्रामवासियों का कहना है कि वे 22 दिसंबर की जन सुनवाई में बड़ी संख्या में पहुँचकर कोल वाशरी परियोजना के खिलाफ अपने विरोध को दर्ज कराएंगे।

प्रशांत गौतम

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