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सशक्त हस्ताक्षर की 53वीं काव्य गोष्ठी संपन्न, कवियों की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां

केसरवानी महाविद्यालय में साहित्यकारों का हुआ सम्मान, काव्य पाठ से सजी साहित्यिक संध्या

जबलपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-साहित्य, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय संस्था *सशक्त हस्ताक्षर, जबलपुर* की 53वीं काव्य गोष्ठी केसरवानी महाविद्यालय में हर्षोल्लास और साहित्यिक गरिमा के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में शहर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों, कवयित्रियों, साहित्यकारों और साहित्य अनुरागियों ने अपनी उपस्थिति से आयोजन को यादगार बनाया। काव्य गोष्ठी में रचनाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया और साहित्यिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संस्थापक गणेश श्रीवास्तव ‘प्यासा’ द्वारा अतिथियों, कवि-कवयित्रियों, साहित्य मनीषियों एवं साहित्य अनुरागियों के अभिनंदन के साथ हुआ। उन्होंने अपनी वाणी से सभी का स्वागत करते हुए साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन में ऐसे आयोजनों की महत्ता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केसरवानी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशुतोष दुबे रहे, जबकि अध्यक्षता महामहोपाध्याय आचार्य डॉ. हरिशंकर दुबे ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में शिवहरि श्रीवास्तव, विवेक गुप्ता ‘सहर’ और आचार्य विजय तिवारी ‘किसलय’ उपस्थित रहे। वहीं सारस्वत अतिथि राजेश पाठक ‘प्रवीण’, मंगलभाव कवि संगम त्रिपाठी और अरुण शुक्ल की गरिमामय उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। सरस्वती वंदना प्रकाश सिंह ठाकुर ‘इन्द्राराना’ ने प्रस्तुत की।

स्वागत, वंदन और अभिनंदन के क्रम में श्रीमती रचना गुप्ता, आरव गुप्ता, दिवाकर शर्मा, महेश स्थापक, धनंजय श्रीवास्तव और राजीव लाल श्रीवास्तव ने प्रभावपूर्ण सहभागिता निभाई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. आशुतोष दुबे, शिवहरि श्रीवास्तव, विवेक गुप्ता, गुलजारी जैन और राजरंजन श्रीवास्तव को शॉल, स्मृतिचिह्न, अंगवस्त्रम्, कलमश्री एवं मोतियों की माला भेंट कर सम्मानित किया गया।

कवियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

काव्य गोष्ठी में कुंजीलाल चक्रवर्ती ‘निर्झर’ भेड़ाघाट, हीराधर बड़गैयाँ, दीनदयाल तिवारी ‘बेताल’ (बेताल), बालमुकुंद लखेरा, अखिलेश खरे ‘अखिल’ कछारगांव, सुभाषमणि बैरागी, लखनलाल रजक, प्रेमकुमार पालीवाल, डॉ. सुरेंद्र लाल साहू, विजय सिन्हा ‘कमर’, जानी इलाहाबादी, मानसिंह ठाकुर ‘दीपक’, निरंजन द्विवेदी ‘वत्स’, रघुवीर ‘अम्बर’, अरविंद मोहन नायक, डॉ. मुकुल तिवारी, शिवानी भगत, प्रभा विश्वकर्मा ‘शील’, तरुणा खरे ‘तनु’ और कालिदास ताम्रकार सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

मंचस्थ अतिथियों ने भी काव्य पाठ कर साहित्यिक मंच की गरिमा बढ़ाई। विभिन्न भावों, विचारों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों से सजी प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को प्रभावित किया। कार्यक्रम में साहित्य के प्रति अनुराग, रचनात्मकता और आपसी साहित्यिक संवाद की सुंदर झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम का सफल संचालन सिद्धेश्वरी सराफ ‘शीलू’ ने किया, जबकि गुलजारी जैन ने आभार प्रदर्शन किया। सशक्त हस्ताक्षर की यह 53वीं काव्य गोष्ठी साहित्यिक एकजुटता, रचनात्मक अभिव्यक्ति और साहित्य-संस्कृति के प्रति समर्पण का सुंदर उदाहरण बनी।

प्रशांत गौतम

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