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मथुरा के राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में होगा कवयित्री जयपूर्णा विश्वकर्मा की पुस्तक ‘मन की बांसुरी’ का विमोचन

प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के भव्य आयोजन में जुटेंगे देशभर के साहित्यकार, कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह भी होंगे आकर्षण का केंद्र

जबलपुर/मथुरा। हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार, रचनात्मक अभिव्यक्ति और देशभर के साहित्यकारों को साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में मथुरा में भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन एवं ‘हिंदी अभिव्यक्ति सभा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस गरिमामय साहित्यिक आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से आए साहित्यकारों और रचनाकारों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह तथा साहित्यिक कृतियों का विमोचन एवं लोकार्पण किया जाएगा।

इस राष्ट्रीय साहित्यिक आयोजन के अंतर्गत कवयित्री जयपूर्णा विश्वकर्मा की पुस्तक ‘मन की बांसुरी’ का विमोचन किया जाएगा। उनकी इस कृति के विमोचन को साहित्यिक जगत में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। पुस्तक के माध्यम से कवयित्री की रचनात्मक अभिव्यक्ति और साहित्यिक संवेदनाओं को पाठकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

हिंदी साहित्य को साझा मंच प्रदान करना सम्मेलन का उद्देश्य : संगम त्रिपाठी

प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने कहा कि मथुरा में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मेलन हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार और साहित्यिक चेतना को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सम्मेलन देशभर के रचनाकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां साहित्य, भाषा, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों पर संवाद और विचारों का आदान-प्रदान होगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन साहित्यकारों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर देने के साथ-साथ हिंदी भाषा के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों के साहित्यकारों का एक मंच पर एकत्र होना हिंदी साहित्य की व्यापकता और उसकी समृद्ध परंपरा को रेखांकित करता है।

आयोजन को भव्य बनाने में जुटे देशभर के साहित्यकार

राष्ट्रीय सम्मेलन एवं हिंदी अभिव्यक्ति सभा को भव्य और गरिमामय स्वरूप प्रदान करने के लिए देश के विभिन्न शहरों के साहित्यकार एवं सहयोगी निरंतर सक्रिय हैं।

आयोजन की तैयारियों में प्रदीप मिश्र अजनबी (दिल्ली), डॉ. लाल सिंह किरार (अंबाह, मुरैना), डॉ. सोमनाथ शुक्ल (प्रयागराज), सीमा शर्मा (मेरठ), सिद्धेश्वरी सराफ शीलू (जबलपुर), मेघा अग्रवाल (नागपुर), प्रभा बच्चन श्रीवास्तव (जबलपुर), राजकुमारी रैकवार राज (जबलपुर), दीनदयाल तिवारी बेताल (जबलपुर), डॉ. गोविंद पांडेय प्रेम (जबलपुर), अनिल राही (ग्वालियर) एवं सोनिया नायडू (भिलाई) सहित अन्य साहित्यप्रेमी और रचनाकार सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।

साहित्य और सृजन का संगम बनेगा राष्ट्रीय सम्मेलन

मथुरा में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन साहित्यकारों के लिए अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने, साहित्यिक अनुभव साझा करने और परस्पर संवाद स्थापित करने का अवसर बनेगा। कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह और पुस्तकों के विमोचन के माध्यम से हिंदी साहित्य की विविध विधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

कवयित्री जयपूर्णा विश्वकर्मा की पुस्तक ‘मन की बांसुरी’ का विमोचन इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगा। साहित्यप्रेमियों को इस राष्ट्रीय सम्मेलन से हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति नई ऊर्जा, प्रेरणा और सृजनात्मक दृष्टि मिलने की उम्मीद है।

प्रशांत गौतम

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