27 सितंबर को होगी उल्लास महापरीक्षा, असाक्षरों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी तय
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बीईओ, बीआरसी, नोडल अधिकारियों और सीएसी को दिए निर्देश, शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने पर जोर
जी.पी.एम. (छत्तीसगढ़ उजाला)-उल्लास -नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी 27 सितंबर को आयोजित होने वाले महा परीक्षा अभियान की तैयारियों को लेकर मंगलवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेण्ड्रा में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ), विकासखंड स्रोत समन्वयकों (बीआरसी), उल्लास कार्यक्रम के नोडल अधिकारियों एवं संकुल शैक्षिक समन्वयकों (सीएसी) को महापरीक्षा अभियान को गंभीरता से लेते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि 27 सितंबर को आयोजित होने वाली उल्लास महापरीक्षा में जिले के प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर चिन्हांकित सभी असाक्षरों की उपस्थिति सुनिश्चित करना प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि असाक्षरों को परीक्षा केंद्र तक लाने के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी समन्वय किया जाए और किसी भी पात्र व्यक्ति को परीक्षा से वंचित न रहने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि महापरीक्षा अभियान केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि जिले को पूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अभियान है। इसके लिए सभी अधिकारी और मैदानी अमला आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल किया जा सके।
परीक्षा केंद्रों से लेकर जन-जागरूकता तक हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में महापरीक्षा अभियान के सफल संचालन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें परीक्षा केंद्रों की आवश्यक व्यवस्था, असाक्षरों का चिन्हांकन, प्रेरकों की भूमिका, परीक्षा सामग्री का वितरण, परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा जन-जागरूकता अभियान प्रमुख रहे।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर ली जाएं। साथ ही गांव और मैदानी स्तर पर लोगों को उल्लास महापरीक्षा के उद्देश्य और महत्व की जानकारी देकर अधिक से अधिक असाक्षरों को परीक्षा में शामिल कराने के लिए प्रेरित किया जाए।
‘पूर्ण साक्षर जिला’ बनाने सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
बैठक में जिला स्तर के अधिकारियों ने कहा कि उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके माध्यम से समाज के उन लोगों को साक्षरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं। जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षक, संकुल स्तर के अधिकारी, प्रेरक और स्वयंसेवकों को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि महापरीक्षा अभियान की सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब चिन्हांकित प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति परीक्षा में शामिल होगा। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी और समन्वय बनाए रखें।
समीक्षा बैठक में जिले के तीनों विकासखंडों के शिक्षा अधिकारी, सभी बीआरसी, उल्लास कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी मुकेश कोरी, संजय गुप्ता, आलोक शुक्ला, राकेश चौधरी एवं संजय टांडिया सहित जिले के समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने 27 सितंबर की महापरीक्षा को सफल बनाने तथा जिले को शत-प्रतिशत साक्षरता की दिशा में आगे ले जाने के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।




