*भाभी का केस वापस लेने दबाव, दो साथियों के साथ पहुंचा बदमाश!* *देवर को कार से चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी का आरोप, आईजी से शिकायत के बाद भी अपराध दर्ज नहीं होने पर उठे सवाल*
छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सलूजा बिहार में एक महिला से कथित अशोभनीय हरकत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले के आरोपी पंकज रेड्डी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर महिला के देवर पर केस वापस लेने का दबाव बनाया। इनकार करने पर कार से चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
पहले मामले में कार्रवाई, फिर दबाव और धमकी का आरोप
पीड़ित परिवार के मुताबिक, महिला के पति की गैरमौजूदगी में उसके साथ कथित तौर पर अशोभनीय हरकत करने का प्रयास किया गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की। परिवार का यह भी आरोप है कि आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी होने के बावजूद उसे मुचलके पर छोड़ दिया गया।
इसके बाद कथित तौर पर आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ महिला के देवर से संपर्क किया और पुराने मामले को वापस लेने का दबाव बनाया। देवर के विरोध करने पर उसे धमकाने और चाकू दिखाने का आरोप लगाया गया।
आईजी तक पहुंची शिकायत, फिर भी एफआईआर का इंतजार
घटना से भयभीत देवर ने पूरे मामले की लिखित शिकायत बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक से की। पीड़ित परिवार का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी तक शिकायत पहुंचने के बावजूद चाकू दिखाकर धमकाने और जान से मारने की धमकी देने संबंधी शिकायत पर तत्काल अपराध दर्ज नहीं किया गया।
परिवार का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में देरी का फायदा उठाकर आरोपी का दुस्साहस और बढ़ गया।
घर में घुसकर धमकाने और महिला से मारपीट का आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार, इसके बाद आरोपी कथित तौर पर उनके घर तक पहुंच गया और परिवार को धमकाया। इस दौरान महिला का हाथ पकड़कर उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप है। इस घटना की शिकायत के बाद सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी द्वारा लगातार धमकी दिए जाने का आरोप पीड़ित परिवार ने लगाया है।
एक शिकायत पर कार्रवाई, दूसरी पर चुप्पी क्यों?
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब घर में घुसकर धमकाने और मारपीट के मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी की, तो इससे पहले देवर को चाकू दिखाकर धमकाने और केस वापस लेने का दबाव बनाने संबंधी शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? परिवार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।




