एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया में सुधीर आज़ाद तम्बोली को राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी! देशभर के संपादकों, पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों को एकजुट कर राष्ट्रीय मंच से जोड़ने की दिशा में संगठन का विस्तार

नई दिल्ली। एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रायपुर, छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर आज़ाद तम्बोली को संगठन का राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सैयद खालिद कैस द्वारा जारी नियुक्ति के अनुसार यह जिम्मेदारी उन्हें आगामी आदेश तक सौंपी गई है।
संगठन की ओर से बताया गया कि एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया का प्रमुख उद्देश्य देशभर में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े संपादकों, पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को एक साझा एवं संगठित राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए संगठन की गतिविधियों और इकाइयों का विस्तार राज्य, संभाग, जिला एवं तहसील स्तर तक किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
पत्रकारों के अधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता पर जोर
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सैयद खालिद कैस के अनुसार संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने, प्रेस की स्वतंत्रता को मजबूत करने तथा मीडिया कर्मियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए काम करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।
संगठन का मानना है कि बदलते मीडिया परिदृश्य में पत्रकारों के सामने पारंपरिक चुनौतियों के साथ-साथ डिजिटल तकनीक, सोशल मीडिया, फेक न्यूज, कानूनी जानकारी, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण जैसी नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऐसे में पत्रकारों और संपादकों को एक मजबूत राष्ट्रीय मंच से जोड़ना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
निष्पक्ष और जनहित आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देने का विजन
एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने विजन में निष्पक्ष, निर्भीक, उत्तरदायी एवं जनहित आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। संगठन की प्रस्तावित कार्ययोजना में पत्रकारों को आधुनिक तकनीक, कानूनी जानकारी, डिजिटल कौशल और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में पहल शामिल है।
इसके साथ ही पत्रकारों और संपादकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन तथा बदलते तकनीकी दौर के अनुरूप मीडिया कर्मियों को तैयार करने की योजना पर भी जोर दिया जा रहा है।
पत्रकार सुरक्षा से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक प्रस्तावित पहल
संगठन की प्रस्तावित प्राथमिकताओं में पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता को मजबूत करने के साथ पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास शामिल हैं।
इसके अलावा पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन जैसी योजनाओं के लिए पहल करने की बात कही गई है। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर पत्रकारों को उनके अधिकारों, कानून और आधुनिक पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराने का भी प्रस्ताव है।
डिजिटल पत्रकारिता और क्षेत्रीय मीडिया पर विशेष फोकस
डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संगठन द्वारा डिजिटल पत्रकारिता को संस्थागत पहचान दिलाने की दिशा में भी कार्य करने की बात कही गई है। फेक न्यूज की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के साथ छोटे एवं क्षेत्रीय समाचार पत्रों के विकास के लिए विशेष अभियान चलाने का प्रस्ताव भी संगठन की कार्ययोजना में शामिल है।
वहीं, महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित करने तथा युवा पत्रकारों के लिए करियर मार्गदर्शन एवं कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी पहल प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय विस्तार में सुधीर आज़ाद तम्बोली की महत्वपूर्ण भूमिका
सुधीर आज़ाद तम्बोली को राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दिए जाने को संगठन के राष्ट्रीय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर के रूप में उनकी भूमिका देश के विभिन्न राज्यों में संगठन से जुड़े पत्रकारों, संपादकों एवं मीडिया कर्मियों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण होगी।
संगठन की ओर से उम्मीद जताई गई है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके अनुभव और समन्वय क्षमता का लाभ एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया को मिलेगा तथा देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत पत्रकारों और संपादकों को एक साझा मंच से जोड़ने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया का प्रस्तावित राष्ट्रीय विस्तार ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का दायरा लगातार बढ़ रहा है। संगठन के अनुसार, विभिन्न स्तरों पर इकाइयों के गठन के माध्यम से देशभर के मीडिया कर्मियों को संगठनात्मक प्रतिनिधित्व और अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।



