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पेंड्रा में जानलेवा गड्ढों से हादसों का खतरा, जिम्मेदार विभाग मौन! नया बस स्टैंड से सेमरा तिराहा तक सड़क की बदहाली से लोग परेशान, ठेकेदार दीपक सिंह ठाकुर ने अपने खर्चे से गड्ढे भरवाने का लिया संकल्प

जी.पी.एम.(छत्तीसगढ़ उजाला)-गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा नगर में सड़कों की बदहाली आम नागरिकों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। नया बस स्टैंड से सेमरा तिराहा तक सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होने की बात सामने आ रही है, लेकिन सड़क की बदहाली दूर करने की दिशा में जिम्मेदार विभागों की प्रभावी पहल नजर नहीं आ रही है।

सड़क पर गड्ढे, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी!

पेंड्रा के नया बस स्टैंड से सेमरा तिराहा तक का मार्ग शहर के आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद सड़क की जर्जर हालत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को संभलकर गुजरना पड़ता है। जरा-सी चूक दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आम जनता को राहत देने के लिए लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकाय कब ठोस कदम उठाएंगे?

सड़क की बदहाली के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार विभागों की नींद खुलेगी? शहरवासियों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा हालात में लोग खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।

विभागों की जिम्मेदारी के बीच ठेकेदार ने दिखाई संवेदनशीलता

जहां एक ओर सड़क की बदहाली को लेकर जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं ठेकेदार दीपक सिंह ठाकुर ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश करने की पहल की है। उन्होंने कहा है कि नया बस स्टैंड से सेमरा तिराहा तक सड़क पर बने गड्ढों को वे अपने खर्चे से भरवाएंगे, ताकि शहरवासियों को आवागमन में हो रही परेशानियों से राहत मिल सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।

दीपक सिंह ठाकुर की इस पहल से यह संदेश भी सामने आया है कि जनहित के मुद्दों पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी केवल सरकारी पदों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हालांकि, सड़क की स्थायी मरम्मत और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बनी हुई है।

अब जिम्मेदार विभागों की बारी

ठेकेदार दीपक सिंह ठाकुर की पहल निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। गड्ढों को अस्थायी रूप से भरने के बजाय सड़क की गुणवत्ता और स्थायी मरम्मत सुनिश्चित करना जरूरी है।

अब देखना होगा कि लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकाय इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देते हैं। शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए क्या विभाग आगे आएंगे या फिर पेंड्रा की यह सड़क इसी तरह हादसों का खतरा बनी रहेगी?

जनहित का सवाल यही है—आखिर पेंड्रा की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे?

प्रशांत गौतम

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