डॉ. रमा कांता की पुस्तक ‘जो तुमने कहा मैंने माना’ का मथुरा में होगा विमोचन

प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के साहित्यकार होंगे शामिल : कवि संगम त्रिपाठी
जबलपुर/मथुरा। हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार और देशभर के रचनाकारों को साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में मथुरा में भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन एवं ‘हिंदी अभिव्यक्ति सभा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस साहित्यिक आयोजन में कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह तथा विभिन्न प्रांतों के रचनाकारों की उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों का विमोचन एवं लोकार्पण किया जाएगा।
इसी क्रम में हरियाणा की साहित्यकार डॉ. रमा कांता के लघु काव्य संग्रह ‘जो तुमने कहा मैंने माना’ का विमोचन किया जाएगा। उनकी इस कृति का लोकार्पण सम्मेलन के प्रमुख साहित्यिक आकर्षणों में शामिल रहेगा। इस आयोजन के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों के साहित्यकारों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा और साहित्यिक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने बताया कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। उन्होंने कहा कि देशभर के साहित्यकारों को एक साझा मंच पर लाकर उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाना सभा का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन साहित्यकारों के बीच संवाद, साहित्यिक आदान-प्रदान और हिंदी के प्रति नई पीढ़ी में रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
देशभर के साहित्यकार आयोजन को बना रहे भव्य
राष्ट्रीय सम्मेलन एवं हिंदी अभिव्यक्ति सभा को सफल और भव्य बनाने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों के साहित्यकार एवं रचनाकार निरंतर सहयोग कर रहे हैं। इनमें प्रदीप मिश्र अजनबी (दिल्ली), डॉ. लाल सिंह किरार (अंबाह, मुरैना), डॉ. सोमनाथ शुक्ल (प्रयागराज), सीमा शर्मा (मेरठ), सिद्धेश्वरी सराफ शीलू (जबलपुर), रामवल्लभ गुप्त इंदौरी, अंजलि तिवारी मिश्रा (बस्तर), शीलशता शालू (भिलाई), डॉ. सुषमा वीरेंद्र खरे सरस (सिहोरा), डॉ. दीप्ति खरे (मंडला), डॉ. सुषमा पंड्या (बिलासपुर), किरन नैथानी (श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल), गोवर्धन थपलियाल (दिल्ली), बीना नौडियाल खंडूरी (देहरादून), डॉ. निर्मला डोंगरे (सिहोरा/मथुरा), बलराम द्विवेदी (सुंदरदादर, उमरिया) एवं जोहन भार्गव (अमलाई/बिलासपुर) सहित अनेक साहित्यकार शामिल हैं।
प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा को विश्वास है कि यह आयोजन हिंदी साहित्य के संवर्धन, रचनाकारों के सम्मान और साहित्यिक चेतना के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देगा।




