मध्यप्रदेशराज्य

पक्के मकान की घोषणा… हमें भी अपनी बहन बना लो मोहन भैया

भोपाल । शिवराज सरकार की लाडली बहनों की 1250 रुपए की किस्त बढक़र 1500 किए जाने की जहां चर्चा शुरू हो गई है वहीं मोहन सरकार द्वारा लाडली बहनों को पक्के मकान देने की घोषणा के बाद छूटी महिलाओं ने आवेदन देना शुरू कर दिया है। सरकार ढाई हजार करोड़ रुपए के पक्के मकान लाड़ली बहनाओं को बनाकर देगी। जिसके लिए बजट में प्रावधान भी किया गया है अगले 5 साल में बहनों को पक्के मकान बनाकर दिए जाने हैं फिलहाल एक करोड़ 30 लाख लाड़ली बहनाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा हैं । शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली लाड़ली बहनाएं, जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं हैं, वे इस योजना की पात्र रहेंगी।

छूटी महिलाएं लाड़ली बहन बनाने की लगा रही गुहार, हर दिन आवेदनों की लगी झड़ी


मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने लाड़ली बहनों को पक्के मकान देने की घोषणा करते ही छूटी हुई महिलाओं ने खुद को योजना में शामिल होने के लिए गुहार लगाई है। सीएम हेल्पलाइन पर  बढ़ रही शिकायतों का आंकड़ा इन्हीं आवेदनों का है। महिला एवं बालविकास विभाग अब इन्हें समझाबूझाकर बंद कराने की कोशिश कर रहा है। ज्ञात हो कि हर माह 1250 रुपए की वित्तीय सहायता लेने के लिए महिलाएं सीएम हेल्पलाइन पर अब भी आवेदन कर रही है। लगभग 2077 से अधिक महिलाएं लाडली बहन होने का अधिकार चाहती है लेकिन प्रशासन नियमों का हवाला देकर शिकायतें बंद करवा रहा है। हाल ही में 700 शिकायतों को सीएम हेल्पलाइन से हटाया गया है। जिस लाडली बहन योजना ने मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार को जीत हासिल करने में एक तरफा मदद की अब इस योजना में शामिल होने के लिए कई महिलाएं अपना दावा पेश कर रही है। अब तक इंदौर में लगभग 2077 से अधिक महिलाओ ने खुद को योजना का पात्र बताते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि उन्हें भी लाडली बहन योजना का हक मिलना चाहिए। हालांकि यह आंकड़ा प्रदेश स्तर पर और बड़ा हो सकता है। पहले विधानसभा और अब लोकसभा चुनाव में अपने मत के माध्यम से भाजपा पार्टी को जीत दिलाना का दावा करने वाली महिलाएं अपना हक मांगने आगे आ रही है। हजारों महिलाओं ने दावा किया है कि वह लाडली बहन योजना के लिए पात्र है। किसी कारणवश योजना के आवेदन की प्रक्रिया के दौरान में फॉर्म नहीं भर पाई थी अब उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाना चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं ने हितग्राही होने के सम्मान की मांग की है। ज्ञात हो की विधानसभा और लोकसभा चुनाव में व्यस्तता के चलते सीएम हेल्पलाइन पर लगभग 21हजार शिकायते पेंडिंग पड़ी है और इन्हें निराकृत किए जाने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव है इस दौरान सामने आया है कि महिलाएं लाडली बहन योजना का लाभ पाना चाहती हैं और वह अपनी मांग पूरी होने तक आवेदन वापस नहीं लेना चाहती। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी के अनुसार ढाई हजार से अधिक मामले अब भी योजना में शामिल होने के  है। वहीं इसमें से कई शिकायत ऐसी भी हैं जो किसी टेक्निकल वजह से कैंसिल की गई है अब महिलाएं सभी अहर्ताएं पूरी कर योजना में शामिल होना चाहती हैं।

News Desk

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