यूपी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को भी मिले स्पेशल TET का अवसर — आलोक शुक्ला”प्रदेश संगठन सचिव, छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन”
प्रदेश संगठन सचिव, छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने मुख्यमंत्री व स्कूल शिक्षा मंत्री से की विशेष TET आयोजित करने की मांग
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने प्रदेश के कार्यरत शिक्षकों के हित में मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री से उत्तर प्रदेश शासन की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित कराने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने कहा है कि प्रदेश में लंबे समय से सेवा दे रहे हजारों शिक्षकों के सामने TET की अनिवार्यता के बाद भविष्य को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में शासन को शिक्षक हित में विशेष पहल करते हुए कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से स्पेशल TET आयोजित करने का निर्णय लेना चाहिए।
31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य
आलोक शुक्ला ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 01 सितम्बर 2025 के बाद TET को सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं माननीय सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के आदेश के अनुसार शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद प्रदेश के उन शिक्षकों के सामने विशेष चुनौती खड़ी हो गई है, जो पिछले 20 से 25 वर्षों से शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे इन शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त और विशेष अवसर उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पेशल TET का लिया निर्णय
प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा द्वारा 02 सितम्बर 2026 को शासनादेश जारी कर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं विशेष शिक्षकों (CWSN) के लिए स्पेशल TET आयोजित कराने का निर्णय लिया गया है।
उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली स्पेशल TET के लिए परीक्षा पैटर्न भी निर्धारित किया गया है। इसके तहत परीक्षा 150 अंकों की होगी और परीक्षा की अवधि 150 मिनट निर्धारित की गई है। परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 प्रतिशत, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 55 प्रतिशत अंक उत्तीर्ण होने के लिए निर्धारित किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को भी मिले विशेष अवसर
आलोक शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्होंने अपने जीवन के 20 से 25 वर्ष शिक्षा विभाग की सेवा में दिए हैं। ऐसे शिक्षकों के अनुभव और लंबे सेवाकाल को ध्यान में रखते हुए उन्हें TET उत्तीर्ण करने के लिए विशेष अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कार्यरत शिक्षकों के लिए समय रहते विशेष TET की व्यवस्था नहीं की गई, तो हजारों शिक्षकों के सामने भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए छत्तीसगढ़ शासन को उत्तर प्रदेश के मॉडल का अध्ययन करते हुए प्रदेश के शिक्षकों के हित में जल्द निर्णय लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री से मांग की है कि शिक्षक हित में तत्काल स्पेशल TET के आयोजन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल TET आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे हजारों शिक्षकों को एक विशेष अवसर मिल सके और वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण कर अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें।



