कवर्धा में भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष समेत 3 पर FIR, घर में घुसकर बुजुर्ग दंपती से मारपीट का आरोप; लकवाग्रस्त पिता को घसीटकर नाली में फेंकने का दावा
कवर्धा(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा मारपीट का मामला सामने आया है। मामले में भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष विजय लक्ष्मी तिवारी, उनके बेटे वासु तिवारी और दामाद विक्की दुबे के खिलाफ कोतवाली थाने में FIR दर्ज की गई है। तीनों पर घर में घुसकर बुजुर्ग माता-पिता के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। घटना से जुड़ा CCTV फुटेज सामने आने का दावा भी किया गया है।
शिकायतकर्ता रवि कुमार शुक्ला के मुताबिक, घटना 5 अगस्त को कवर्धा शहर के वार्ड नंबर 10 स्थित उनके घर में हुई। आरोप है कि विजय लक्ष्मी तिवारी अपने बेटे वासु तिवारी और दामाद विक्की दुबे के साथ उनके घर पहुंचीं। शिकायत में दावा किया गया है कि इस दौरान उनके लकवाग्रस्त पिता को घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और नाली में फेंक दिया गया, जबकि उनकी मां के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में मां के हाथ में चोट लगने की बात शिकायतकर्ता ने कही है।
रवि कुमार शुक्ला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2015 में उनके बड़े भाई सूरज शुक्ला की शादी विजय लक्ष्मी तिवारी की छोटी बेटी से हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, बड़े भाई की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार में आए दिन विवाद की स्थिति बनती थी।
आरोप है कि घर और संपत्ति को लेकर भी दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी भाभी और मायके पक्ष की ओर से उनके पिता पर पूरा मकान बड़े बेटे के नाम करने का दबाव बनाया जाता था। हालांकि, पिता ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इसी संपत्ति विवाद को घटना की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
रवि कुमार के मुताबिक, घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। उन्हें पड़ोसियों से घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वह घर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने अपनी बाईं आंख के ऊपर चोट लगने की बात कही है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के बाद पुलिस उन्हें और परिवार के सदस्यों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के दौरान भी विक्की दुबे ने उनके साथ मारपीट की और थप्पड़ मारा। रवि कुमार का कहना है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया।
घटना को लेकर सामने आए CCTV फुटेज को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा सकता है। इसके अलावा घटना के प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसी और जिला अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान भी मामले की जांच में अहम हो सकते हैं।
शिकायतकर्ता ने FIR दर्ज होने में देरी होने और मामले को वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने आना बाकी है।
रवि कुमार शुक्ला की शिकायत के आधार पर कवर्धा कोतवाली पुलिस ने विजय लक्ष्मी तिवारी, वासु तिवारी और विक्की दुबे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत FIR दर्ज की है।
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप को आधार बनाया जाएगा।
फिलहाल विजय लक्ष्मी तिवारी, वासु तिवारी और विक्की दुबे पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मारपीट की घटना और पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



