भोरमदेव धाम पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भगवान भोलेनाथ की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
धर्मपत्नी कौशल्या साय रहीं साथ, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दोहराई प्रतिबद्धता
कवर्धा(छत्तीसगढ़ उजाला)-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शनिवार को आमंत्रण पर विश्वप्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी उनके साथ उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करते हुए भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि भोरमदेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यहां की परंपराएं प्रदेश की पहचान और गौरव को मजबूत करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और सामाजिक समरसता, भाईचारे तथा पारस्परिक सद्भाव को नई मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन, शांति और राज्य के सर्वांगीण विकास की कामना करते हुए कहा कि सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन के विस्तार और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार अनेक योजनाओं पर काम कर रही है। भोरमदेव जैसे ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र पर्यटन की दृष्टि से भी प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री का यह दौरा उनकी गहरी आस्था, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान तथा समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा दिए गए आमंत्रण को आत्मीयता के साथ स्वीकार कर जनता से जुड़े रहने की उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।



