छत्तीसगढ

न्यायधानी की मेयर खुद कर रही निगम के अफसरों की शिकायत, तो जनता किससे लगाए उम्मीद?निकाय मंत्री साव के क्षेत्र की व्यवस्था पर उठने लगे सवाल।

छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर:   मेयर खुद कर रही शिकायत, तो जनता किससे लगाए उम्मीद? उपमुख्यमंत्री व नगरीय निकाय मंत्री के शहर व्यवस्था पर सवाल उठने लगे है।शहर की जनता का भाजपा की सरकार से मोह हटने लगा है।न्यायधानी की मेयर का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है।जिसमें वो निगम के अफसरों की मनमानी की बात कर रही है।अब इस वीडियो को लेकर बहुत सी बातें चर्चा में है।शहर की व्यवस्था को लेकर एक हैरान करने वाली स्थिति सामने आई है, जहां खुद मेयर को शिकायत करनी पड़ रही है। जब शहर की प्रथम नागरिक ही समस्याओं से जूझ रही हों, तो आम जनता किससे उम्मीद लगाए—यह सवाल अब लोगों के बीच तेजी से उठने लगा है।


छत्तीसगढ़ उजाला की टीम ने इस मामले को लेकर स्थानीय लोगो से बातचीत की, लोगों का कहना है कि शहर में न तो शासन की सख्ती नजर आ रही है और न ही प्रशासन की सक्रियता। सड़क, सफाई, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है, लेकिन समाधान की गति बेहद धीमी है।अफसर बेलगाम है।इस गर्मी में पानी की किल्लत आधे शहर में देखा जा सकता है। निगम के अधिकारियों की मनमानी चरम पर है। बदहाल सड़को को ठीक करने का भी समय नही है।जनता धूल खाती सड़को में चलने को मजबूर हैं।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनता का भरोसा धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है। आम नागरिकों में यह भावना बन रही है कि जनप्रतिनिधि केवल औपचारिकता निभा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।सबसे बड़ी बात यह है कि इस शहर में साय सरकार के उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी रहते है।निकाय मंत्रालय का काम इन्ही के पास है।ऐसे में शहर की बदहाल व्यवस्था सुचारू रूप से लाने में निगम के अफसरों की कोई दिलचस्पी नजर नही आती।शहर के कई इलाकों में लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि न तो कोई सुनवाई हो रही है और न ही समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में जनता त्रस्त है और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि शासन और प्रशासन इस स्थिति को गंभीरता से लेते हैं या फिर जनता का असंतोष और गहराता जाता है।

Anil Mishra

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