गौरेला पेंड्रा मरवाहीछत्तीसगढ

दिव्यांगता पर हौसले की जीत: रेशमा केवट ने 90% दिव्यांग होने के बावजूद 12वीं में 89.75% अंक लाकर रचा प्रेरणादायक इतिहास

जी. पी. एम. (छत्तीसगढ़ उजाला)-गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही के जिला उपाध्यक्ष श्री एकलव्य केवट जी की भतीजी एवं महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष मरवाही श्रीमती शशिकला केवट जी की सुपुत्री ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास के बल पर कक्षा 12वीं की परीक्षा में 89.75% अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।


इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाती है यह तथ्य कि छात्रा लगभग 90% दिव्यांग हैं। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार मानने के बजाय संघर्ष को अपनी ताकत बनाया और यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।


उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले और समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह उपलब्धि उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि मन में लक्ष्य के प्रति समर्पण और कुछ कर दिखाने का जुनून हो, तो सफलता निश्चित है।


भारतीय जनता युवा मोर्चा सहित समस्त क्षेत्रवासियों ने इस प्रतिभाशाली छात्रा की इस ऐतिहासिक सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही, उनके साहस, संघर्ष और जज्बे को नमन करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।

प्रशांत गौतम

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