गौरेला पेंड्रा मरवाहीछत्तीसगढ

“जंगल छोड़ निजी मौज!” पेंड्रा रेंजर पर गंभीर आरोप—सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग, तस्करी कनेक्शन तक के खुलासे

जी. पी. एम. (छत्तीसगढ़ उजाला)-पेंड्रा में वन विभाग का एक बड़ा विवाद सामने आया है। पेंड्रा वन परिक्षेत्र में पदस्थ रेंजर ईश्वरी खूंटे पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं, जिन्होंने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है।
सरकारी गाड़ी बनी “निजी सवारी”!
रेंजर द्वारा शासकीय वाहन का खुलेआम दुरुपयोग
हर हफ्ते सरकारी गाड़ी से निजी सफर और घर आना-जाना
लगातार इस्तेमाल से सरकारी खजाने को नुकसान
सवाल उठ रहा है कि वन सुरक्षा के लिए मिली गाड़ी आखिर निजी काम में क्यों दौड़ रही है?
जंगलों की सुरक्षा भगवान भरोसे?
स्थानीय लोगों का आरोप:रेंजर द्वारा जंगल निरीक्षण में भारी लापरवाही,क्षेत्र में पेड़ों की कटाई पर नियंत्रण कमजोर
वन संरक्षण की जिम्मेदारी कागजों तक सीमित
अगर यही हाल रहा, तो जंगलों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
सबसे सनसनीखेज आरोप—तस्करी कनेक्शन!
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब:रेंजर का नाम एक कथित लड़की तस्करी मामले से जोड़ा जाने लगा
हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन आरोप बेहद गंभीर,ऐसे आरोपों ने पूरे विभाग की छवि पर बड़ा दाग लगा दिया है।
जनता का गुस्सा फूटा
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश
पूरे मामले की हाई-लेवल जांच की मांग,दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
अब क्या करेगा प्रशासन?
वन विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर
क्या होगी निष्पक्ष जांच या मामला दब जाएगा?

पेंड्रा का यह मामला सिर्फ एक अधिकारी पर लगे आरोप नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।
अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ विभाग बल्कि शासन की साख के लिए भी बड़ा झटका साबित होगा।

प्रशांत गौतम

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