गौरेला पेंड्रा मरवाहीछत्तीसगढ

जी.पी. एम.-देवरी कला धान खरीदी केंद्र में ‘लूट का खेल’: वीडियो में उगाही साबित, फिर भी कार्रवाई ठप क्या मोटी ‘डील’ में सो गया विभाग?

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)-जिले के देवरी कला धान खरीदी केंद्र में किसानों से अवैध उगाही का मामला अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में किसानों से खुलेआम पैसे वसूले जाने की तस्वीरें सामने आईं, जिसने पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दलालों का ‘राज’, किसानों की जेब पर डाका
आदिवासी अंचल के किसान, जो अपनी मेहनत का धान बेचने केंद्र पहुंचे थे, वहां उन्हें दलालों और भ्रष्ट तंत्र का सामना करना पड़ा। वायरल वीडियो में ‘विकास गुप्ता’ नाम का व्यक्ति किसानों से जबरन पैसे लेते हुए साफ दिखाई देता है। स्थिति इतनी गंभीर थी कि वह किसान की जेब में हाथ डालकर पैसे निकालता नजर आया।
यह सब केंद्र प्रबंधक की मौजूदगी में हुआ, जिससे मिलीभगत के आरोप और गहरे हो गए हैं। खरीदी केंद्र किसानों के लिए सहारा बनने के बजाय दलालों का अड्डा बन गया।
जांच में पुष्टि, फिर भी FIR नहीं
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच टीम गठित की गई। जांच में अवैध उगाही के आरोप पूरी तरह सही पाए गए।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि कई महीने बीत जाने के बाद भी:
मुख्य आरोपी ‘विकास गुप्ता’ पर FIR दर्ज नहीं
केंद्र प्रबंधक ‘सलाम’ पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं
इससे साफ संकेत मिलते हैं कि कार्रवाई की रफ्तार जानबूझकर धीमी रखी गई है।
प्रशासन पर उठते बड़े सवाल
क्या दोषियों को बचाने के लिए दबाव काम कर रहा है?
क्या जांच के नाम पर कोई ‘सेटिंग’ हो चुकी है?
आखिर किसके संरक्षण में चल रहा था यह खेल?
आदिवासी किसानों के साथ अन्याय
सबसे बड़ा सवाल उन गरीब आदिवासी किसानों का है, जिनकी मेहनत की कमाई पर खुलेआम डाका डाला गया। सबूत होने के बावजूद अब तक न्याय नहीं मिलना, सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

देवरी कला का यह मामला सिर्फ एक खरीदी केंद्र की गड़बड़ी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल है। जब प्रमाण मौजूद हैं, जांच पूरी हो चुकी है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं?

समिति प्रबंधक चंद्रकांत सलाम क़े संरक्षड़ मे किसानो से वसूली करता विकाश गुप्ता
प्रशांत गौतम

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