गौरेला पेंड्रा मरवाहीछत्तीसगढ

जी. पी. एम.-देवरीकला(कोटमी) धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी में उगाही उजागर, जांच बेअसर!चंद्रकांत सलाम और विकास गुप्ता पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)
देवरी कला धान खरीदी केंद्र में किसानों से अवैध वसूली का मामला अब और भी गंभीर होता जा रहा है। धान खरीदी का सीजन खत्म हो चुका है, लेकिन कार्रवाई आज तक शून्य है। वायरल वीडियो, प्रशासनिक जांच और आरोपों की पुष्टि के बावजूद न तो किसी पर FIR दर्ज हुई और न ही जिम्मेदारों पर कोई सख्त कदम उठाया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई देता है कि किसानों से धान तौल और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर खुलेआम पैसे वसूले जा रहे थे। इस पूरे खेल में सबसे बड़ा आरोप समिति प्रबंधक चंद्रकांत सलाम पर है, जिनके संरक्षण में यह उगाही चल रही थी।
वीडियो में कोटमी निवासी विकास गुप्ता किसानों से सीधे पैसे लेते नजर आ रहा है। यह दृश्य न केवल नियमों की खुली धज्जियां उड़ाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि बिना किसी मजबूत संरक्षण के ऐसा खेल लंबे समय तक चल पाना संभव नहीं।
जांच हुई, प्रशासन पहुंचा… लेकिन नतीजा ‘जीरो
वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और अधिकारियों की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पूरे मामले की जानकारी भी जुटाई गई, लेकिन हैरानी की बात यह है कि—
➡️ अब तक FIR दर्ज नहीं
➡️ किसी अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं
➡️ समिति प्रबंधक चंद्रकांत सलाम पर भी कोई कार्रवाई नहीं
➡️ वसूली करते दिखे विकास गुप्ता पर भी कोई कार्यवाही नहीं
धान खरीदी खत्म, मामला ठंडे बस्ते में?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धान खरीदी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद मामला जैसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया हो। न जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, न ही दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कदम सामने आया।
किसानों में गुस्सा, सिस्टम पर उठे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि—
“जब वीडियो में सब कुछ साफ दिख रहा है, जब प्रशासन खुद जांच कर चुका है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं?”
अब बड़ा सवाल—कौन बचा रहा है किसे?
पूरा जिला अब यही सवाल पूछ रहा है—
क्या समिति प्रबंधक चंद्रकांत सलाम को संरक्षण दिया जा रहा है?
क्या वसूली करते दिखे विकास गुप्ता पर कार्रवाई से जानबूझकर बचा जा रहा है?
या फिर पूरा मामला दबाने की कोशिश हो रही है?
सच्चाई यही है—
धान खरीदी खत्म हो गई, लेकिन किसानों से हुई लूट पर अब तक कोई हिसाब नहीं हुआ।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब जागेगा…

किसानो से उगाही करता विकाश गुप्ता
प्रशांत गौतम

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