छत्तीसगढ

“डिप्टी रेंजर व (तत्कालीन प्रभारी रेंजर खोडरी, मरवाही)मनीष श्रीवास्तव गिरफ्तार: वन अपराध केस हल्का करने, चालान जल्द पेश करने और जब्त वाहन छुड़ाने के एवज में खोड़री–मरवाही में ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया, रेंजर पल्लव नायक भी ACB के शिकंजे में”

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एसीबी बिलासपुर ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस पूरे खेल में रेंजर पल्लव नायक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
रिश्वत का खेल: 70 हजार की मांग, लाखों में सेटिंग की बात
लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। आरोप है कि केस को हल्का करने, चालान जल्दी पेश करने और जब्त वाहन छोड़ने के बदले ₹70,000 की मांग की गई थी।
इतना ही नहीं—पूरे मामले को “सेटल” करने के लिए 4 से 5 लाख रुपए खर्च होने की बात भी कही गई थी, जिससे साफ है कि मामला बड़े स्तर की सांठगांठ का था।
“मित्र मिलन रेस्टोरेंट” में बिछा जाल, पहली किस्त में ही गिरफ्तारी
एसीबी ने पुख्ता योजना बनाकर कोटा स्थित मित्र मिलन रेस्टोरेंट में ट्रैप लगाया।
जैसे ही मनीष श्रीवास्तव ने ₹50,000 की पहली किस्त ली—टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
मौके पर मौजूद रेंजर पल्लव नायक की संदिग्ध भूमिका ने इस केस को और गंभीर बना दिया है। संकेत साफ हैं—यह सिर्फ एक व्यक्ति का खेल नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में जड़ें जमाए भ्रष्टाचार का हिस्सा है।
अब कानून का शिकंजा: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
अब “पावर” नहीं, कानून तय करेगा आगे की कहानी।
पुराना रिकॉर्ड, वही आदत
मनीष श्रीवास्तव पहले भी मरवाही वनमंडल में ग्रीन क्रेडिट योजना में लापरवाही के कारण निलंबित हो चुके हैं।
लेकिन निलंबन के बाद भी उनकी कार्यशैली नहीं बदली—और आखिरकार घूस लेते हुए पकड़े गए।
साफ संदेश:
“घूसखोरी की आदत छूटती नहीं… और कानून से बचना मुमकिन नहीं।”
ACB का लगातार प्रहार: 2 साल में 45वीं ट्रैप कार्रवाई
एसीबी बिलासपुर की यह पिछले दो वर्षों में 45वीं ट्रैप कार्रवाई है।लगातार हो रही कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में डर साफ दिखाई दे रहा है।
एसीबी ने आम जनता से अपील की है—
अगर कोई भी अधिकारी रिश्वत मांगे, तो तुरंत शिकायत करें।
सिस्टम बदल रहा है
अब तस्वीर बदल रही है…
घूसखोर बेनकाब हो रहे हैं…
और कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

प्रशांत गौतम

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