गौरेला पेंड्रा मरवाहीछत्तीसगढ

गारंटी में गड्ढे! गौरेला–पेंड्रा–मरवाही की सड़कों पर संकट, PWD की चिट्ठियां बेअसर — विभाग–ठेकेदार गठजोड़ के आरोप


गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (छत्तीसगढ़ उजाला)-जिले की जर्जर सड़कों ने एक बार फिर लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परफॉर्मेंस गारंटी लागू होने के बावजूद मरम्मत कार्य ठप है, जबकि विभाग ने “अ” वर्ग ठेकेदार मेंसर्स श्री राम कंस्ट्रक्शन कंपनी, बिजुरी (जिला अनूपपुर, म.प्र.) को पत्र क्रमांक 4082, दिनांक 28/10/2025 जारी कर सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि ठेकेदार को पूर्व में भी मौखिक और लिखित निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि पहले जारी पत्रों की प्रतियां संलग्न नहीं की गईं, जिससे पूरी प्रक्रिया पर पारदर्शिता को लेकर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह महज औपचारिकता भर है।
वर्षों से बदहाल पांच प्रमुख मार्ग
कार्यपालन अभियंता के पत्र में जिन सड़कों का जिक्र है, वे लंबे समय से खस्ताहाल हैं—
पेंड्रा–मरवाही मुख्य मार्ग
बसंतपुर–बस्ती बगरा आमगांव मार्ग
सिवनी–मरवाही मार्ग
ग्राम निमधा–दरमोहली मार्ग
इन मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी डामर परत और बरसात में जलभराव आम समस्या बन चुकी है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे जनहानि और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ रहे हैं।
परफॉर्मेंस गारंटी पर अमल क्यों नहीं?
क्षेत्र में चर्चा है कि विभाग द्वारा ठेकेदार को बार-बार पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मरम्मत कार्य नहीं होता। आरोप है कि परफॉर्मेंस गारंटी की शर्तों का सख्ती से पालन नहीं कराया जा रहा। अनुबंध अवधि में रखरखाव की अनदेखी की जाती है और अवधि समाप्त होने के बाद उसी ठेकेदार को अन्य कार्य भी सौंप दिए जाते हैं। इससे विभाग–ठेकेदार की संभावित मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं।
कार्यालय व्यवस्था पर भी उठे सवाल
लोक निर्माण विभाग, मरवाही के सहायक अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी पर भी उदासीनता के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अक्सर कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहते और जनता व पत्रकारों के फोन कॉल रिसीव नहीं करते। आरोप है कि कार्यालय का संचालन अधीनस्थ कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है, जिससे निगरानी और जवाबदेही प्रभावित हो रही है।
जनता की मांग: अब ठोस कार्रवाई हो
जिलेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि—
परफॉर्मेंस गारंटी के तहत तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।
संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
निर्धारित समय में कार्य न होने पर ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर ब्लैकलिस्ट किया जाए।
जर्जर सड़कों की समस्या अब जनसुरक्षा का विषय बन चुकी है। अब देखना यह है कि विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या वास्तव में सड़कों को दुरुस्त कर जनता को राहत दिलाता है।

प्रशांत गौतम

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