*एएसपी राजेन्द्र जयसवाल के वायरल विडियो पर आईजी शुक्ला ने लिया संज्ञान, अब विडियो, आडियो, काल रिकार्ड की जांच कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपेंगे एसएसपी सिंह, पुलिस महकमे मची खलबली*
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बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। बिलासपुर शहर के एक स्पा संचालक ने तत्कालीन एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल पर डराने-धमकाने और पैसों की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शिकायत के साथ वायरल वीडियो और कथित स्टिंग से जुड़े सबूत भी सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

स्पा संचालक ने बिलासपुर रेंज आईजी संजीव शुक्ला को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि तत्कालीन एडिशनल एसपी राजेन्द्र जयसवाल द्वारा लगातार डराया-धमकाया जा रहा था और पैसों की मांग की जा रही थी। शिकायत के साथ उसने व्हाट्सएप कॉलिंग के स्क्रीनशॉट और एक वीडियो भी सौंपा है, जो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने एएसपी के स्टिंग विडियो में कथित रूप से पैसों की मांग और धमकी से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड हुई है। उसके अनुसार लगातार दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था, जिसके बाद उसने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने का निर्णय लिया।
आईजी ने एसएसपी बिलासपुर को जांच के दिए निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के आईजी शुक्ला ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। एसएसपी बिलासपुर को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, ऑडियो सामग्री और शिकायत पत्र में उल्लेखित तथ्यों की गंभीरता से जांच कर सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

एएसपी जायसवाल ने कहा – आरोप हैं बेबुनियाद
वहीं वर्तमान में जीपीएम जिले में पदस्थ एएसपी जायसवाल ने उन पर लगे सभी आरोपों को खंडन करते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है। उन्होंने उजाला को बताया कि वायरल विडियो शायद 13 दिसंबर का है। जब मैं बिलासपुर में एडिशनल एसपी (शहर) के रूप में पदस्थ था। उस दौरान यह युवक मेरे चेंबर में आया था और किसी एफआईआर के बारे में बात कर रहा था। जिसमें मेरे द्वारा पूर्व में उसको बताया जा चुका था कि यदि वह संबंधित दस्तावेज को लेकर आएगा तो एफआईआर किया जा सकता है। फिर उसके द्वारा बताया गया कि सिविल लाइन थाने में एफआईआर पंजीबद्ध हो चुका है और उसके पश्चात उसके द्वारा पुलिस के विरुद्ध अभद्रता पूर्वक टिप्पणी की गई, जिसमें मेरे द्वारा उसको डांट लगाई गई। जिसे वीडियो में देखा जा सकता है, मेरे द्वारा किसी भी प्रकार के पैसे की मांग नहीं की जा रही है और इसमें बाद में उसके द्वारा वीडियो जारी कराया गया, जिसमें उसके द्वारा मेरे पर पैसे की मांग का आरोप लगाया जा रहा है। इस प्रकार से मेरी छवि को खराब करने और पुलिस को बदनाम करने के लिए उसके द्वारा इस प्रकार का बेबुनियाद आरोप लगाया है।



